वाराणसी। बुधवार को आधी रात के बाद गोरखपुर जा रही चौरीचौरा एक्सप्रेस ट्रेन कैंट स्टेशन पहुंचने से पूर्व ही यार्ड में ट्रैक से उतर गई। रात में 1:10 बजे हुए इस हादसे के बाद ट्रेन के रुकते ही प्रभावित कोच के यात्री नीचे कूद कर भागने लगे। सूचना मिलने ही महकमे में हड़कंप मच गया। रात में ही ट्रेन को पटरी पर लाने का प्रयास शुरू हो गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद 3:35 बजे प्रभावित कोच काटने के बाद ट्रेन अपने गंतव्य को रवाना हो गई।
कैंट-मंडुवाडीह के बीच स्थित गेट संख्या 3-ए के बीच हुए इस रेल हादसे की सूचना सबसे पहले पावर केबिन सुपरवाइजर एके श्रीवास्तव ने डिप्टी एसएस कार्यालय में यूपी सिंह को दी। तत्काल इसकी जानकारी डिप्टी एसएस कार्यालय से कंट्रोल के साथ ही उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के अफसरों को दी गई। पीछे से तीसरे नंबर के शयनयान कोच संख्या एस-वन के चार चक्के पटरी से उतर गए थे। रात में ही एस-वन के साथ ही एक जनरल कोच को ट्रेन से काटकर अलग कर दिया गया। बाद में ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर एक की जगह प्लेटफार्म नंबर चार पर लिया गया। पूर्वोत्तर रेलवे की इस ट्रेन का हादसा उत्तर रेलवे के ट्रैक पर हुआ था। इसलिए दोनों ही रेल मंडलों के अफसरों ने इस घटना को पूरी गंभीरता से लिया। सूचना मिलने के साथ ही उत्तर रेलवे लखनऊ के डीआरएम जगदीप राय भी बनारस आ गए। यहां पर पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम ललित कपूर के साथ उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उत्तर रेलवे प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया हादसे का कारण कोच की गड़बड़ी बताई है। हालांकि, डीआरएम पूर्वोत्तर रेलवे ललित कपूर ने कहा कि फिलहाल इस मुद्दे पर कुछ कहना मुश्किल है। कल शाम तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी। उन्होंने बताया कि मंडुवाडीह से ट्रेन के चलने पर प्रभावित कोच का एक पहिया पटरी से उतर गया था लेकिन खुद ही चढ़ भी गया। हादसे के बाद आरपीएफ ने कोच संख्या एस-वन के कुछ यात्रियों से बातचीत की थी। यात्रियों ने ट्रेन के ज्ञानपुर से चलने पर ही झटके लगने की बात बताई थी। हालांकि डीआरएम एनईआर का कहना है कि यात्रियों ने पहला झटका मंडुवाडीह और दूसरा कैंट स्टेशन के यार्ड में लगने की बात बताई है। बताया कि कोच की स्थिति जानने के लिए गोरखपुर जहां पर चौरीचौरा का प्राइमरी मेंटनेंस होता है वहां से भी रिपोर्ट मांगी गई है। जांच के लिए उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के अफसरों की ए-ग्रेड कमेटी गठित कर दी गई है।