आराजीलाइन। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा शुक्रवार को प्रशासनिक परीक्षा के घोषित परिणाम में यहां के शाहंशाहपुर के किसान परिवार का छात्र सत्य साधन सिंह चयनित हुआ। उसे 701वां स्थान मिला। यह जानकारी मिलते ही परिवार के साथ ही पूरा गांव खुशी से झूम उठा। लोगों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर बधाई दी। पिता वीरेश्वर सिंह और माता राजकुमारी की आंखें खुशी से छलक पड़ीं। पिता ने कहा कि बेटे की इस परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने जनरल नॉलेज के चार मोटे रजिस्टर तैयार किया था। इसमें उन्होंने अखबारों में प्रकाशित होने वाली खबरों की कतरनें काट-काटकर चिपकाई थीं।
फिलहाल सोनभद्र के विंध्यनगर में एनटीपीसी में केमिस्ट पद पर कार्यरत सत्य साधन ने मोबाइल पर बताया कि परीक्षा की चार साल की तैयारी में माता-पिता समेत सभी परिजनों, परिचितों और गुरुजनों का सहयोग रहा। बकौल सत्य साधन, रोजाना नौकरी में आठ घंटे देने के बाद भी तैयारी के लिए समय निकालता था। समय प्रबंधन को अपना मंत्र बनाया और जितना समय तैयारी के लिए तय किया उसमें पूरे मनोयोग से एकाग्र होकर पढ़ाई जारी रखी। विशेषज्ञ गुरुजनों और अग्रजों से संपर्क करता रहा। अब लक्ष्य होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थी तक यथाशीघ्र मुहैया कराऊं।
परिजनों ने बताया कि सत्यसाधन बचपन से ही मेधावी था। आरंभिक शिक्षा गांव के मालवीय इंटर कालेज में हुई। फिर हाईस्कूल रवींद्रपुरी स्थित गोस्वामी तुलसीदास हायर सेकेंडरी स्कूल से किया। इसके बाद वाराणसी के क्वींस कालेज से 12वीं की और बीएचयू से बीएससी की। आईआईटी दिल्ली से एमएससी किया और फिर वर्ष 2008 में एनटीपीसी में बतौर केमिस्ट चयनित हुए। इस वर्ष पहले ही प्रयास में आईएएस की परीक्षा में सफल रहे। तीन भाइयों में वह सबसे छोटे हैं। बड़े भाई क्षत्रपाल कानपुर देहात में सब इंस्पेक्टर हैं जबकि दूसरे क्षितिजपाल हाईकोर्ट में वकील हैं। चाचा कृष्णेश्वर सिंह तीसरी बार ग्राम प्रधान चुने गए हैं जबकि दूसरे चाचा मिर्जामुराद के किसान इंटर कालेज में शिक्षक हैं।