रोहित चतुर्वेदी
वाराणसी। लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में मतदाताओं से अच्छे दिन आने का वादा किया था। बनारस आए तो अपनी पहली ही चुनावी सभा में उन्होंने गंगा के निर्मलीकरण, बुनकरों की बदहाली और युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा उठाकर सबका दिल जीत लिया था। काशी से चुनाव जीतने के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी अपने चुनावी वादों को पूरा करने में जुट गए हैं। छह महीने के कार्यकाल में मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र को दो बड़ी सौगात दी। हस्तशिल्पियों और बुनकरों के लिए ट्रेड फैसिलिटी सेंटर की आधारशिला रखने के साथ ही उन्होंने बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाने के लए पीपीपी मॉडल पर सैमसंग टेक्निकल स्कूल खुलवाया।
200 करोड़ रुपये में बनेगा ट्रेड फैसिलिटी सेंटर
चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल की जमीन पर बुनकरों के लिए ट्रेड फैसिलटी सेंटर बनना था, मगर राज्य सरकार से जमीन न मिलने के कारण इसे बड़ा लालपुर स्थानांतरित कर दिया गया। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के भूखंड पर अब इसका निर्माण कार्य चल रहा है। वस्त्र मंत्रालय की देखरेख में बनने वाले इस सेंटर के निर्माण पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां बुनकरों और हस्तशिल्पियों के अलावा कुटीर उद्योग को भी प्रमोट किया जाएगा। इस सेंटर को इस तरह विकसित किया जा रहा है जहां बुनकरों को न केवल कच्चा माल उपलब्ध होगा बल्कि वह यहां बुनाई भी कर सकेंगे और तैयार उत्पाद को बेच भी सकेंगे। बीते नवंबर में पीएम मोदी ने खुद इस सेंटर की आधारशिला रखी है। तभी से यहां काम चल रहा है।
हुनर और रोजगार दोनों देगा सैमसंग टेक्निकल स्कूल
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय और सैमसंग इंडिया के संयुक्त प्रयास से चांदपुर में खुले टेक्निकल स्कूल में सैमसंग के एडवांस रिपेयर एंड इंडस्ट्रियल स्किल्ड एनहैंसमेंट (एआरआईएसई) कार्यक्रम चल रहे हैं। छात्राें को यहां मोबाइल फोन, टेलीविजन, होम थिएटर, होम एप्लायंसेस और उनसे जुड़े इलेक्ट्रानिक उपकरण की रिपेयरिंग की ट्रेनिंग विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है। प्रशिक्षुओं को सैमसंग के अधिकृत सर्विस सेंटरों में रियल टाइम वर्किगिं का अनुभव भी प्राप्त होगा। ट्रेनिंग प्राप्त युवक-युवतियों को सैमसंग कंपनी में नौकरी भी मिलेगी। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत देश भर में ऐसे दस टेक्निकल स्कूल खोले जाएंगे। यह तीसरा स्कूल है। इससे पहले दिल्ली और हैदराबाद में सैमसंग के सहयोग से स्कूल खोले गए हैं।