वाराणसी। अधिक से अधिक नेत्रहीनों को रोशनी मिल सके, इसके लिए आईएमए बड़ी पहल करने जा रहा है। वह गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मऊ और भदोही समेत पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में जल्द ही आई बैंक के सब सेंटर खोलेगा। इनके जरिये ज्यादा से ज्यादा लोगों से नेत्रदान कराने की योजना बनाई गई है।
राष्ट्रीय नेत्रदान पखवारा के तहत इन दिनों विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आईएमए ने इस योजना का खाका खींचा है। वह 2010 से वाराणसी में बीएचयू के सहयोग से आई बैंक संचालित कर रहा है। इस आई बैंक को अब तक 270 कार्निया मिली हैं, जो नेत्रहीनों की संख्या के अनुपात में नाकाफी हैं। इसका प्रमुख कारण जागरूकता की कमी और हर जिले में कार्निया निकालने एवं उसे संरक्षित करने की सुविधा का न होना है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए आईएमए ने अब पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में आई बैंक के सब सेंटर खोलने की योजना बनाई है।
आई बैंक के संयोजक डा. अनुराग टंडन ने बताया कि सब सेंटर खोलने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। सब सेंटर खुल जाने के बाद लोग आसानी से नेत्रदान कर सकेंगे। साथ ही लोगों को जागरूक कर उनसे संकल्प पत्र भी भरवाए जाएंगे। सूचना मिलने के छह घंटे के भीतर सब सेंटर से चिकित्सकों की टीम कार्निया लेने नेत्रदाता के घर पहुंच जाएगी। उस कार्निया को बनारस में लाकर संरक्षित किया जाएगा।
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फिल्म दिखाकर करेंगे जागरूक
वाराणसी। नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आईएमए आई बैंक की ओर से लघु फिल्म तैयार कराई जाएगी। करीब आधे घंटे की यह फिल्म नगरों में ही नहीं, कस्बों और गांवों में भी लोगों को दिखाई जाएगी। इसमें क्षेत्रीय युवाओं की मदद ली जाएगी।