वाराणसी। गंगा में जल परिवहन का मोदी सरकार का सपना जल्द ही साकार होता नजर आ सकता है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी में बुधवार को पहली बार एक फाइव स्टार क्रूज के पहुंचने से लोगों को विकास का सपना सच होता लग रहा है। 20 दिन पहले विदेशी सैलानियों सहित कुल 25 लोगों को कोलकाता से लेकर चला क्रूज ‘राजमहल’ बुधवार को बनारस पहुंचा। क्रूज से आया दल गंगा में जल परिवहन के साथ ही काशी में पर्यटन विकास की संभावनाओं को तलाशेगा। राजघाट के समीप खिड़किया घाट पर यह क्रूज शुक्रवार तक रुकेगा। इसके बाद यह चुनार जाएगा। 30 अगस्त को यह चुनार से बनारस लौटेगा और फिर यहां से कोलकाता रवाना होगा।
क्रूज के साथ आए लोगों की मानें तो पटना और वाराणसी को क्रूज कंपनियां विशेष फोकस कर रही हैं। पर गंगा का जलस्तर कम होना और बालू के टीले समस्या पैदा कर रहे हैं। गंगा का जलस्तर इस समय बढ़ा हुआ है। इसलिए रास्ते में कोई दिक्कत नहीं आई। क्रूज के सदस्यों ने बताया कि वे आठ अगस्त को कोलकाता से चले थे। सरकारी क्रूज कंपनी असम बंगाल नेविगेशन का यह आलीशान क्रूज ‘राजमहल’ 20 दिनों का सफर तय कर बुधवार को बनारस पहुंचा। रास्ते में पटना व गाजीपुर सहित कई स्थानों पर क्रूज ने लंगर भी डाला। सैलानियों को काशी दर्शन कराने के बाद यह क्रूज चुनार जाएगा और वहां एक दिन ठहरने के बाद पुन: काशी होते हुए यह कोलकाता लौट जाएगा। खास बात यह है कि क्रूज के आगे एक एस्कार्ट स्टीमर भी है जो जलस्तर को मापने के साथ ही बालू के टीले को काटने का काम भी कर रहा है। क्रूज के मैनेजर कुनाल सिंह ने बताया कि पर्यटक सड़क मार्ग से किसी क्षेत्र का नजारा लेते हैं पर नदी की ओर से उसकी खूबसूरती नहीं देख पाते। हमारा उद्देश्य सैलानियों को नदी के रास्ते शहर की खूबसूरती दिखाना है। उन्होंने कहा कि गंगा में ड्रेजिंग का काम खत्म होते ही क्रूज की भरमार हो जाएगी।
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फाइव स्टार सुविधाओं वाला है ‘राजमहल’
वाराणसी। असम बंगाल नेविगेशन कंपनी 2003 से ब्रह्मूपुत्र व 2007 से हुगली में सैलानियों को क्रूज की सुविधा मुहैया करा रही है। कंपनी ने साल 2010 में गंगा में भी छोटे क्रूज उतारे थे। कोलकाता से पटना तक ये क्रूज सैलानियों को लेकर आ चुके हैं। कोलकाता में निर्मित राजमहल को कंपनी ने फरवरी में अपने बेड़े में शामिल किया है। यह पूरे दो माह गंगा में सैलानियों को सैर कराएगा। 50 मीटर लंबे इस पानी के जहाज में 22 वातानुकूलित कमरें हैं। फ्रेंच स्टाइल में बॉलकनी इसे और खूबसूरत बनाती है। सैलून (स्पा सुविधा युक्त), डाइनिंग रूम, सिंगल केबिन से लैस राजमहल की छत पर सन बाथ की व्यवस्था दी गई है। क्रूज पर एक सैलानी को एक रात गुजारने के लिए 195 अमेरिकी डालर खर्च करने होंगे।
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‘राजमहल’ जल परिवहन और पर्यटन को नया आयाम देने में मददगार साबित होगा। यह कवायद महज एक क्रूज ट्रिप भर नहीं है, बल्कि गंगा नदी में जल परिवहन का भविष्य भी तय करने वाली साबित होगी। कई क्रूज कंपनियों से जुड़े लोग इसमें सवार हैं, जो जल परिवहन की संभावना तलाशने ही यहां आए हैं। अगर जल परिवहन का प्रधानमंत्री का सपना साकार हुआ तो नदी किनारे के गांवों और शहरों के विकास की संभावना बढ़ेगी।
-शैलेश त्रिपाठी, क्रूज के गाइड