वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सुनियोजित विकास के लिए ‘महायोजना 2031’ और ‘काशी विजन’ के तहत आए दिन लुभावनी घोषणाएं की जा रही हैं लेकिन शहर का ट्रैफिक बिना सिग्नल के ही चलता है। बेतरतीब ट्रैफिक सिस्टम को दुरुस्त करने की ओर किसी का ध्यान नहीं है। शहर की सड़कों पर सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए ट्रैफिक सिग्नल तो लगाए गए हैं लेकिन सिग्नल लाइटें कभी जलती नहीं। चौराहों पर शोपीस बने ये सिग्नल पूरी ट्रैफिक व्यवस्था को मुंह चिढ़ाते नजर आते हैं। यह हाल तब है जब प्रमुख चौराहों पर सिग्नल फ्रेम स्थापित करने के लिए बीते 20 साल में तीन चरण में कई करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
शहर में रथयात्रा, सिगरा, मलदहिया, अंधरापुल, गोदौलिया, चौकाघाट सहित कुछ अन्य प्रमुख चौराहों पर एक अरसे से ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं लेकिन ये सिग्नल काम करना कब शुरू करेंगे, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं। सालों पहले करोड़ाें रुपये खर्च करके लगाई गईं इन लाइटों को चालू कराने की ओर न तो ट्रैफिक पुलिस ने ध्यान दिया, न ही नगर निगम ने। हाल यह है कि शहर के ट्रैफिक सिग्नल अब तक काम नहीं कर रहे हैं और बिना सिग्नल के सड़कों से चौराहों तक बेतरतीब ट्रैफिक से आए दिन जाम की मुसीबत खड़ी हो रही है। ट्रैफिक व्यवस्था की इस बदहाली के पीछे यातायात पुलिस और नगर निगम में तालमेल का अभाव भी एक बड़ी वजह है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सीवर और ड्रेनेज सिस्टम के लिए की गई खुदाई के दौरान ध्वस्त हुए ट्रैफिक सिग्नल के तार भी बाद में दुरुस्त नहीं कराए गए।
इनसेट
ट्रैफिक सिग्नल के न चालू हो पाने के कारण
- ट्रैफिक सिग्नल के लिए बिजली कनेक्शन न मिल पाना
- यातायात पुलिस और नगर निगम में तालमेल का अभाव
- खुदाई के दौरान ट्रैफिक सिग्नल के तारों की सुरक्षा न होना
- सड़कों का संकरा होना और वन-वे की कार्ययोजना का अभाव
कोट
काफी पहले अनियोजित तरीके से बिना डीपीआर तैयार कराए ही ट्रैफिक सिग्नल लगा दिए गए। नतीजा, यह न सफल हो पाए और न हो पाएंगे। अब नए सिरे से कार्ययोजना तैयार कराकर शहर के प्रमुख चौराहों पर आगामी महीनों में ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था की जाएगी। - रामगोपाल मोहले, महापौर
सिग्नल लाइट सिस्टम पहले बिजली से संचालित होना था लेकिन बिजली विभाग ने कनेक्शन देने के कुछ दिन बाद ही काट दिया। नगर निगम ने बाद में सोलर सिस्टम से सिग्नल लाइट संचालित कराने को कहा था लेकिन अब तक ऐसा हुआ नहीं। सिग्नल व्यवस्था शुरू होने से यातायात संचालन में निश्चित रूप से सहूलियत होगी।
- लल्लन यादव, यातायात निरीक्षक