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आधुनिक सुविधा केंद्र बना शादीघर

Mon, 26 May 2014 05:34 AM IST
Varanasi
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वाराणसी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के प्रयास से पर्यटकों की सुविधा के दृष्टिकोण से सारनाथ में शुरू हुआ आधुनिक सुविधा केंद्र आज महज शादीघर बनकर रह गया है। इसकी शुरुआत इस उद्देश्य के साथ हुई थी कि एक ही छत के नीचे देशी-विदेशी सैलानियों को वह सभी सुविधाएं (ठहरने, खाने, इंटरनेट, गाइड, गाड़ी आदि) मुहैया कराई जाए जिसकी अमूमन उन्हें जरूरत पड़ती है। मगर वर्तमान में उद्देश्य बदला नजर आ रहा है, अब केंद्र को बुक कराने पर लोगों को एक ही छत के नीचे शादी से संबंधित सभी सुविधाएं मयस्सर हो रही है। वहीं केंद्र पर मौजूद अव्यवस्था की बात की जाए तो यहां पर्यटकों को सुविधाएं तो दूर, उन्हें आवश्यक जानकारी भी नहीं मिल पाती है।
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पर्यटन विभाग के इस केंद्र को बहुत पहले राज्य पर्यटन निगम लिमिटेड को दे दी गई थी। मगर पर्यटन नियमों को ताक पर रखकर केंद्र में लगन के सीजन में करीब एक माह के दौरान 15 से 16 शादियां होती हैं। इस दौरान कमरे भी लड़की पक्ष को एलॉट कर दिए जाते हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो एक शादी के चलते दो से तीन दिन केंद्र प्रभावित रहता है। नाम न बताने के शर्त पर शादी की तैयारी देखने वाले का कहना है कि केंद्र में होने वाली भारतीय रीति-रिवाज की शादियों को देखने के लिए तमाम विदेशी पर्यटक यहां आते हैं। इसके लिए उनसे पांच से दस हजार रुपये तक वसूली जाती है। इस बाबत एमआरसी (मॉडर्न रिसेप्शन सेंटर) के प्रबंधक रामअधार अग्रवाल से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आर्थिक जरूरतों के चलते इसका प्रयोग व्यावसायिक तौर पर कर सकते हैं पर एक महीने में इतनी ज्यादा शादी की बात से उन्होंने इनकार किया। मसलन, व्यावसायिक उद्देश्यों की पूर्ति के कारण यह केंद्र पर्यटन सुविधाओं से दूर होता जा रहा है। फिलहाल यहां एटीएम व साड़ी की दुकान ही खुली नजर आई।

इनसेट
मॉडर्न रिसेप्शन सेंटर में कहने के लिए तो दर्जनभर सुविधाओं की लिस्ट है लेकिन इनके दर्शन केंद्र में नहीं होते। इनमें उन चुनिंदा सुविधाओं का जिक्र किया जा रहा है जिनको सैलानियों के दृष्टिकोण से अति आवश्यक कहा जा सकता है।
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--अधिकृत गाइड की व्यवस्था-
- आधुनिक सुविधा केंद्र में अधिकृत गाइड का भी काउंटर होना चाहिए। जिससे जो पर्यटक यहां आएं उन्हें विश्वसनीय व जानकार गाइड उपलब्ध कराया जा सके। हालांकि यहां इस सुविधा का कमरा तो दिखा मगर उस पर ताला लटक रहा था।

--ट्रैवेल सुविधा
- मॉडर्न रिसेप्शन सेंटर में आने वाले किसी भी देशी-विदेशी पर्यटक को अगर वाहन चाहिए तो इसके लिए यहां एक ट्रैवेल सुविधा वाला रूम भी होना चाहिए। साथ ही एक जानकार व विश्वसनीय ड्राइवर भी होना चाहिए। बावजूद यहां ऐसा कोई काउंटर नजर नहीं आया।

वेटिंग लाउंज व ट्वायलेट सुविधा-
- इस सुविधा की जरूरत उन सभी पर्यटकों को पड़ती है जो सारनाथ आते हैं और यह सेंटर की सुविधाओं की सूची में शामिल भी है। पर शादी के सीजन में इन पर लड़की या लड़का पक्ष का ही कब्जा होता है।

साइवर कैफे व फोन बूथ-
- एमआरसी में साइबर कैफे व फोन बूथ होना चाहिए। मगर यहां भी कमरे पर ताला लटकता पाया गया।

रिसेप्शन व पर्यटक सूचना केंद्र-
-सबसे जरूरी सुविधाओं में शामिल पर्यटकों को जरूरी सूचना प्रदान करना होता है। बावजूद इसके सूचना केंद्र अक्सर ही परिचारक के हवाले रहता है क्योंकि पर्यटन सूचना अधिकारी को कई जिलों के अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
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कोट
केंद्र का व्यावसायिक उपयोग हो सकता है पर पर्यटकों की सुविधा भी अहम है। अभी मैं आरटीओ से बात करता हूं और इस पूरे मामले की जांच कराऊंगा।
शशांक विक्रम, विशेष सचिव पर्यटन, उत्तर प्रदेश शासन व प्रबंध निदेशक राज्य पर्यटन निगम लिमिटेड
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