वाराणसी (ब्यूरो)। शहर में घरों से निकलने वाले कूड़े को एकत्र कर उससे खाद बनाने के लिए करसड़ा में लगे 600 मीट्रिक टन क्षमता के प्लांट पर संपर्क मार्ग बनाने सहित अन्य कार्य फिर बंद हो गए हैं। प्लांट पर अब सिर्फ जल निगम की सीएंडडीएस इकाई तथा निजी एजेंसी एटूजेड की तरफ से तैनात गार्ड ही प्लांट की सुरक्षा कर रहे हैं। कार्य बंद होने से बरसात से पहले प्लांट चालू हो पाने की संभावना क्षीण होती जा रही है।
शहर से प्रतिदिन करीब 500 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। शहर से निकलने वाले कूड़े को घरों से एकत्र कर उससे खाद बनाने के लिए करसड़ा में 600 मीट्रिक टन क्षमता का 48.68 करोड़ रुपये की लागत प्लांट लगाने की योजना है। प्लांट लगाने पर 30 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि खर्च हो चुकी है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस इतनी अधिक धनराशि खर्च होने के बावजूद अब तक प्लांट चालू नहीं करा पाया है। उधर, नगर निगम भी अभी एजेंसी के जरिए शहर में निकलने वाले कूड़े को घरों से एकत्र कराने का कार्य फिर से नहीं शुरू करा पाया है। कुछ दिन पहले एजेंसी के प्रतिनिधियों ने यहां आकर प्लांट चालू करने के लिए वहां सफाई के साथ ही संपर्क मार्ग बनवाने का कार्य शुरू कराया था। एजेंसी के प्रतिनिधियों ने नगर निगम को पत्र लिखकर बकाया धनराशि का भुगतान करने की मांग भी की थी लेकिन निगम ने यह कहते हुए मना कर दिया था कि कार्यों का सत्यापन कराने के बाद ही धनराशि दी जाएगी। उधर, एजेंसी ने प्लांट पर संपर्क बनाने का कार्य फिर बंद कर दिया है। सीएंडडीएस के सहायक अभियंता आरवाई यादव का कहना है कि प्लांट पर एजेंसी का कोई भी प्रतिनिधि यहां मौजूद नहीं है। प्लांट पर सारे कार्य बंद हैं। वहां एजेंसी व सीएंडडीएस के गार्ड ही ड्यूटी दे रहे हैं। अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी का कहना है कि प्लांट पर बंद कार्य चालू करने के लिए एजेंसी को पत्र लिखा जाएगा।