वाराणसी। गैंगरेप की शिकार छात्रा की गंभीर हालत को देखते हुए पुलिस ने सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय उसे रोहनिया के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। पुलिस का कहना है कि जान बचाने को प्राथमिकता देने के कारण ही छात्रा का मेडिकल भी नहीं कराया गया। लेकिन इतने प्रयास के बाद भी छात्रा को नहीं बचाया जा सका। हालांकि इलाज के दौरान होश में आने पर उसने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिया।
घटना के दूसरे दिन छात्रा की हालत बिगड़ने पर उसे कबीरचौरा स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। अस्पताल में शाम को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस बारे में सीओ सदर अभिषेक सिंह का कहना है कि घटना के बाबत रोहनिया पुलिस ने मां की तहरीर पर हत्या, बलात्कार, पास्को और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटना के आरोपी चालक शैलेंद्र चौहान, अजित चौहान, जेसीबी मालिक विनोद यादव और मिल्कीचक के करिया को गिरफ्तार कर लिया है। मौत के बाद परिवार के लोगों ने कबीर चौरा अस्पताल पर हंगामा भी किया लेकिन गांव के लोगों ने समझा बुझाकर उनको शांत कराया।
इससे पहले थानाध्यक्ष ए के सिंह ने कल बयान दिया था कि शादी से इनकार करने पर छात्रा ने जहर का सेवन कर लिया था। उसके साथ बलात्कार नहीं किया गया था लेकिन रात में ग्रामीणों के रुख को देखते हुए पुलिस चुप हो गई। देर रात तहरीर मिलने पर बलात्कार, हत्या के प्रयास, एससी एसटी समेत कई संगीन धाराओं के तहत दर्ज कर लिया। मौत होने के बाद मुकदमे की धारा बदली गई और जांच की जिम्मेदारी सीओ सदर को दी गई।