वाराणसी। बीएचयू का 96वां दीक्षांत समारोह अनोखा होगा। वजह, मैं यहीं का विद्यार्थी रहा, यहीं डिग्री पाई और अब यहीं कुलपति हूं। समारोह के मुख्य अतिथि पद्मविभूषण प्रो. जयंत विष्णु नार्लीकर भी यहीं के विद्यार्थी रहे। ये बातें बीएचयू के कुलपति डॉ. लालजी सिंह ने कहीं। वह बुधवार को केंद्रीय कार्यालय के समिति कक्ष में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि समारोह में द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट के महानिदेशक डॉ. आरके पचौरी को पर्यावरण एवं ऊर्जा संबंधी पहलुओं पर वैश्विक स्तर पर किए गए सकारात्मक प्रयासों के लिए डी. एससी. की मानद उपाधि दी जाएगी। हालांकि डॉ. पचौरी इन दिनों जापान में हैं। उनकी अनुपस्थिति में उन्हें उपाधि दी जाएगी। साथ ही, समारोह में सत्र 2012-13 के 29 मेधावी छात्र-छात्राओं को कुल 33 गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। इसमें हार्दिक वर्मा और दिग्विजय कुमार पांडेय को बीएचयू मेडल के साथ-साथ चांसलर मेडल और स्वर्गीय महाराजा विभूति नारायण सिंह मेडल से नवाजा जाएगा।
एक सवाल के जवाब में डॉ. लालजी सिंह ने कहा कि प्रयास किया जाएगा कि परिसर स्थित आईआईटी और बीएचयू का दीक्षांत आने वाले समय में साथ ही हो। उन्होंने यह भी कहा कि विवि में हो रहे शोध को पेटेंट कराने की प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।