वाराणसी। करसड़ा में लगे प्लांट का बुधवार को जायजा लेने पहुंचे इंडिपेंडेंट रिव्यू एंड मानिटरिंग एजेंसी (इरमा) के तकनीकी सलाहकार केसी वाघरे उस समय दंग रह गए जब वहां ताला लटका मिला। उन्होंने साथ मौजूद सीएंडडीएस के अधिकारियों से प्लांट पर हुए कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही उसका फोटो लिया। इसके बाद प्लांट को यथाशीघ्र चालू कराने का आश्वासन देते हुए लौट गए।
केंद्र सरकार ने जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत स्वीकृत योजनाओं की निगरानी की जिम्मेदारी इरमा को दी है। इरमा के तकनीकी सलाहकार वाघरे ने मंगलवार को पेयजल, ड्रेनेज व सीवर की योजनाओं में अब तक हुई प्रगति का जायजा लिया था। बुधवार को वह सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के तहत करसड़ा में लगे 600 मीट्रिक टन क्षमता के प्लांट का जायजा लेने पहुंचे। करसड़ा में 48 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजना के तहत कूड़े से खाद बनाने का प्लांट लगाया गया है। इसे एक फरवरी से चालू होना था लेकिन शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण व प्लांट की जिम्मेदारी संभालने वाली निजी एजेंसी एटूजेड व उसकी साझीदार एकार्ड के बीच विवाद होने से प्लांट बंद पड़ा है। इसीलिए प्लांट का जायजा लेने पहुंचे इरमा के तकनीकी सलाहकार वाघरे को वहां ताला बंद मिला। ऐसे में उन्होंने साथ मौजूद कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक ओपी राय तथा सहायक अभियंता आरवाई यादव से प्लांट पर हुए कार्यों की जानकारी ली। साथ ही परियोजना प्रबंधक को निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से बात कर प्लांट चालू कराने का निर्देश दिया।