वाराणसी। काशी अन्नपूर्णा गंगा ट्रस्ट के सातवें वार्षिकोत्सव पर बुधवार को गंगा की महाआरती की गई और अन्नपूर्णा मंदिर में कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति की। आरती के आरंभ से अब तक हर साल गंगा तट पर ही वार्षिक समारोह के भजनों का गायन होता रहा है लेकिन अबकी गंगा में पानी अधिक होने के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रम मंदिर परिसर में आयोजित किया गया।
ललिता घाट पर विधिवत गंगा पूजन किया गया। उसके बाद गंगा की महाआरती हुई। अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी ने कहा कि गंगा सबकी मां और जीवनदायिनी है। उनको स्वच्छ रखना सबकी जिम्मेदारी है। उप महंत शंकर पुरी, अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र के ट्रस्टी के जनार्दन शर्मा, आचार्य रामानारायण द्विवेदी, काशी मिश्रा आदि मौजूद रहे। उसके बाद मंदिर परिसर में स्थापित वाग्देवी की प्रतिमा का पूजन किया गया और कन्हैया दूबे केडी के संचालन में भजन संध्या हुई। अमलेश शुक्ल अमन ने ‘जय जय अन्नपूर्णा की महाआरती’ और ‘बम बम बोल रहा है काशी’ सुनाया तो भक्त झूमने लगे। ममता शर्मा ने ‘मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा’, और ‘होली खेले नंदलाल ’ सुनाकर फागुनी अहसास करा दिया। सूर्य कुमार दूबे, व्यास मौर्य, विजय बागी ने भजनों और पचरा से देर रात तक लोगों को बांधे रखा। तबले पर बलराम मिश्र, आर्गन पर कैलाश पांडेय, पैड पर रामजी और ढोलक पर भोला ने साथ दिया।
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ज्ञानवापी परिसर में राम दरबार की झांकी सजी
वाराणसी। ज्ञानवापी परिसर में बुधवार की रात राम दरबार की झांकी की विधि-विधान से प्राणप्रतिष्ठा की गई। गुरुवार को शृंगार गौरी का पूजन किया जाएगा और उसके बाद रामचरित मानस का नवाह पाठ और मानस सम्मेलन शुरू होगा।
कैथी के सार्वभौम शांति आश्रम गोशाला से राम दरबार की शोभायात्रा निकाली गई जो देर शाम ज्ञानवापी परिसर में पहुंची। वहां प्रतिमाओं को स्थापित किया गया। सूर्यलाल मिश्र के आचार्यत्व में यजमान सुरेंद्र अग्रवाल ने विधिवत प्राण प्रतिष्ठा पूजन किया। उसके बाद पं. कांता प्रसाद वैदिक की देखरेख में प्रतिमाओं का पूजन और आरती की गई। मानस परायण की शुरुआत गुरुवार से होगी। इसमें देश के जानेमाने मानस मर्मज्ञ भाग लेंगे।
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बाल कांड की चौपइयों से गूंजा संकट मोचन परिसर
वाराणसी। अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास की ओर से बसंत पंचमी पर आयोजित संगीतमय रामचरित मानस पाठ के दूसरे दिन बुधवार को संकट मोचन मंदिर परिसर में बालकांड की चौपाइयों का गायन किया गया।
आचार्य ऋतुराज कात्यायन के निर्देशन में गायकों की टोली ने मानस के चौपाइयों का सस्वर पाठ करता रहा। महंत विश्वंभर नाथ मिश्र ने रामायण की पोथी और देवताओं का पूजन करके दूसरे दिन के मानस परायण की शुरुआत कराई। मानस प्रतियोगिता में गोपी राधा बालिका विद्यालय, सेंट्रल हिंदू स्कूल, आर्य महिला इंटर कालेज, सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कालेज, इंपीरियल पब्लिक स्कूल, तुलसी विद्या निकेतन आदि 10 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने चौपाइयों का गायन किया। बीएचयू के प्रो. श्रीनिवास पांडेय एवं प्रो. शीतला प्रसाद पांडेय ने प्रतियोगिता का निर्णय किया। अतिथियों का स्वागत मनोज उपाध्याय, संचालन राजेश त्रिपाठी और धन्यवाद ज्ञापन रामयश मिश्र ने किया।