वाराणसी। बीएचयू में एम्स की स्थापना के लिए विश्वविद्यालय ने सर सुंदरलाल अस्पताल में कार्यरत लगभग दो हजार स्टाफ के अतिरिक्त पांच हजार और स्टाफ मांगे हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एम्स के लिए अनुमानित शिक्षक और कर्मचारियों की रिपोर्ट मांगी थी जो शुक्रवार को भेज दी गई। विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद की शनिवार को होने वाली बैठक में भी एम्स की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दे दिए जाने की संभावना है।
बीएचयू ने यूजीसी को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि सर सुंदरलाल अस्पताल में तैनात स्टाफ की संख्या एम्स के लिहाज से कम है। अस्पताल में वर्तमान में लगभग आठ सौ स्टाफ नर्स हैं। एम्स के लिए इसे बढ़ाकर दो हजार करने की मांग की गई है। इसी प्रकार टेक्नीशियन की संख्या लगभग चार सौ है जिसे 12 सौ करने का प्रस्ताव है। चिकित्सकाें की संख्या तीन सौ है जिसे बढ़ाकर आठ सौ करने की बात कही गई है। इसी प्रकार सीनियर रेजीडेंट डाक्टरों की संख्या 28 से दो सौ, एमडी-एमएस के छात्र-छात्राआें की संख्या 134 से बढ़ाकर 250 तथा एमसीएच कोर्स करने वाले विद्यार्थियाें की संख्या 22 से बढ़ाकर 56 करने की मांग की गई है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियाें, फायर बिग्रेडकर्मी, गैस सप्लाई करने वाले कर्मचारी, सुरक्षा और वित्त से जुड़े कर्मचारियों की संख्या भी लगभग तीन गुनी करने की मांग की गई है। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. राणा गोपाल सिंह ने बताया कि यूजीसी ने इस माह के अंत तक एम्स के लिए शिक्षकाें और कर्मचारियाें के अनुमानित पदाें का ब्योरा मांगा था जिसे भेज दिया गया है।