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अभाविप का तीन दिवसीय ‘राष्ट्रीय परिषद’ आज से काशी में

Sat, 30 Nov 2013 05:42 AM IST
Varanasi
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वाराणसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) राष्ट्रीय पुर्ननिर्माण के व्यापक संदर्भ में कार्य करने वाला विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। नौ जुलाई 1949 को इसकी स्थापना हुई। तभी से अनवरत राष्ट्रीय अधिवेशन होता रहा है। इस साल अभाविप ने राष्ट्रीय अधिवेशन को राष्ट्रीय परिषद के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय परिषद शनिवार से महमूरगंज स्थित निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कालेज परिसर के ‘महामना मालवीय नगर’ में शुरू हो रहा है। दो दिसंबर तक चलने वाले इस राष्ट्रीय परिषद में अभाविप के विजन, मिशन और एक्शन पर चर्चा के साथ ही वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य पर भी मंथन होगा। यह जानकारी शुक्रवार को आयोजन स्थल पर अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री उमेश दत्त ने दी।
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उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय परिषद का उद्घाटन शनिवार को शाम चार बजे जेएनयू के पूर्व प्रतिकुलपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. कपिल कपूर करेंगे। समारोह की अध्यक्ष अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. पी. मुरली मनोहर करेंगे। राष्ट्रीय परिषद में असहाय, बीमार, बेघर और मानसिक रूप से कमजोर निराश्रितों की देखभाल और उनके पुनर्वास में जुटे तमिलनाडु के नारायण कृष्णन को यशवंत राव केलकर पुरस्कार से नवाजा जाएगा। पुरस्कार स्वरूप उन्हें 50 हजार रुपये नकद और स्मृति चिह्न भेंट किया जाएगा। इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे ध्वजारोहण एवं महामंत्री के वार्षिक प्रतिवेदन के साथ राष्ट्रीय परिषद की शुरुआत होगी। इसके बाद यहां नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री का निर्वाचन होगा। साथ ही नवनिर्वाचित पदाधिकारी दायित्व ग्रहण करेंगे। उमेश दत्त ने बताया कि एक और दो दिसंबर को विभिन्न राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा होगी और वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य, अलगाववाद को पुष्ट करती तुष्टिकरण की नीतियां नामक प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे। राष्ट्रीय परिषद में देश भर से आए 700 प्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे।
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