वाराणसी। सोमनाथ पर हमले के बाद दशाश्वमेध पुलिस हमलावर को ढूढ़ने में उलझकर रह गई है। भुक्तभोगी ने मुकदमा दर्ज कराया है कि उसके छोटे भाई और तीन अन्य लोग हमले में शामिल थे लेकिन मौके पर हमले के प्रमाण नहीं मिले हैं। सोमनाथ के अतीत को देखते हुए पुलिस हमले को लेकर पशोपेश में आ गई है।
गणेश महाल निवासी सोमनाथ मुखर्जी (31) ने शनिवार की रात बताया कि वह मलाई खरीदने के लिए घर से निकला था। गली में पहुंचने पर उस पर छोटे भाई ने गोली चला दी। गोली दाहिने जांघ में लगी। पुलिस ने उसे कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती कराया है। उसने आरोप लगाया कि छोटे भाई ने पूरे मकान पर कब्जा कर लिया है। वह एक कमरे में कंप्यूटर से जॉब कर आजीविका चलाता है। थानाप्रभारी धाड़केश्वर सिंह की जांच से पता चला कि सोमनाथ 14 माह जेल में रहने के बाद एक साल पहले जमानत पर छूटकर आया था। उस पर दुर्गाकुंड के गोपाल यादव की हत्या करने का आरोप है। इस मामले में गोपाल की पत्नी शशिकला भी चार माह जेल में थी। जेल से लौटने के बाद सोमनाथ ने शशिकला को अपनी पत्नी बनाकर रख लिया। दोनों के बीच काफी दिनों से प्रेम प्रपंच चल रहा था। जेल में बंद चर्चित बदमाश रईस भी सोमनाथ का करीबी है। पुलिस ने उसके भाई से पूछताछ की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस बीच पुलिस को भाई द्वारा हमला करने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।