लोहता। बुखार, शरीर में ऐंठन, दस्त और सांस फूलने की समस्या से पीडि़त डेढ़ वर्षीया हुस्ना बानो की बुधवार को अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। रहीमपुर निवासी जमील अहमद की पुत्री हुस्ना बानो का इलाज जामिया अस्पताल में चल रहा था। पिता का कहना है कि बच्ची की मौत संभवत: कुपोषण से हुई होगी। रहीमपुर और धन्नीपुर के कई बच्चों के नाम कुपोषण पीडि़तों की सूची में शामिल है जिन्हें अतिरिक्त पोषाहार दिया जाता है।
रहीमपुर निवासी जमील अहमद ने बताया कि मई में आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने बेटी हुस्ना बानो का वजन लेने के बाद उसके कुपोषित होने की संभावना जताई थी। वह पोषाहार देकर चली गई थी। पांच दिन पहले वह बच्ची का इलाज कराने पीलीकोठी स्थित जामिया अस्पताल गया था। वहां डा. संजय वाही ने पांच दिन की दवा देकर बुधवार को बुलाया था। बुधवार की सुबह वह हुस्ना को लेकर अस्पताल जा रहा था कि उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उसका इलाज करने वाले डा. संजय वाही ने बच्ची के कुपोषित होने की संभावना जताते हुए उसे निमोनिया और डायरिया से भी पीडि़त बताया। काशी विद्यापीठ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. ओपी शुक्ल ने बताया कि बच्ची की मौत की सूचना मिली है लेकिन मौत के कारणों की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि कुपोषण पीडि़तों की सूची में बच्ची के नाम की तस्दीक करने के लिए सीडीपीओ को कॉल किया था लेकिन उनका मोबाइल स्विच आफ मिला। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रेमलता गुप्ता ने बताया कि काशी विद्यापीठ के सीडीपीओ से मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल बंद था। बुधवार को रक्षाबंधन पर्व का अवकाश होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कुपोषण पीडि़तों की सूची में बच्ची का नाम है या नहीं। इसकी जानकारी गुरुवार को मिल पाएगी। कहा कि यदि बच्ची का नाम सूची में होगा तो उसका इलाज चल रहा होगा। उसकी देखरेख की जा रही होगी।