परिजनों के मुताबिक, मयंक ने इसी तनाव के कारण मौत को गले लगा लिया। उन्होंने पुलिस से प्रकरण में उचित कार्रवाई की मांग की है। रोज की भांति रविवार रात भी सोन से पहले मयंक ने पिता पैर दबाया था। इसके बाद बहन से बोला कि तुम सो जाना अभी हम जागेंगे। सब लोग खाना खाने के बाद सो गए।
इस दौरान रात में 11 से एक बजे के बीच में मयंक दीवार पर लगे रॉड में नारियल की रस्सी के सहारे फंदा बनाकर झूल गया। रात के करीब डेढ़ बजे मुन्नी की नींद खुलने पर घटना की जानकारी हुई। सीरगोवर्धनपुर निवासी संतोष यादव बीएचयू कृषि संस्थान में नौकरी करते हैं। उनकी बड़ी बेटी तनीषा भी बीएचयू केवी में 10वीं कक्षा की छात्रा है।