आईएमएस बीएचयू में लगे स्वास्थ्य मेले में दो दिन आयुर्वेद, एलोपैथ चिकित्सा सेवा का लाभ उठाने 9600 लोग पहुंचे। यहां अलग-अलग विभागों के स्टॉल पर लोगों की जांच करने के साथ ही बीमारियों के कारण और उपचार की जानकारी भी दी गई। इस दौरान अलग-अलग बीमारी में सर्जरी की प्रक्रिया के बारे में भी लोगों को बताया गया। मंगलवार को दो दिवसीय मेले का समापन हो गया। 19 नवंबर को स्वतंत्रता भवन में संस्थान का वार्षिक दिवस समारोह मनाया जाएगा।
आईएमएस परिसर में बाल रोग से लेकर कैंसर, न्यूरोलॉजी, रेडियोथेरेपी, यूरोलॉजी सहित अन्य विभागों के 60 स्टॉल लगाए गए। दूसरे दिन मेडिकल छात्रों के साथ ही बड़ी संख्या में लोगों ने मेले में पहुंचकर जांच करवाई। समापन समारोह में एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने कहा कि डॉक्टर एवं पुलिस दोनों विभागों के बीच काफी समानता होती है। ऐसा इसलिए इन दोनों जगहों पर लोग अपने दुखों को साझा करने के लिए आते हैं। कोविड जैसे महामारी में डॉक्टरों की भूमिका बढ़ गई है। विशिष्ट अतिथि आईपीएस डॉ. मीनाक्षी कात्यायन ने आईएमएस बीएचयू में हुए शोध के बारे में जाना। आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने सभी सहयोगियों के प्रयास को सराहा। समापन समारोह में प्रो. विजयनाथ मिश्र, प्रो. टीपी चतुर्वेदी, प्रो. संदीप सिंह आदि रहे।