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सरकार के फैसले से स्कूल संचालकों में बेचैनी

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ज्ञानपुर। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार के फैसले से अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हलचल बढ़ गई है। निजी स्कूल फैसले की काट खोजने में जुट गए हैं। सरकार के नए फरमान से निजी विद्यालय अब मनमानी फीस की वसूली और हर साल यूनिफॉर्म, किताबें नहीं बदल सकेंगे। शिकायत मिलने पर स्कूल की मान्यता ही नहीं रद होगी, साथ में भारी जुर्माना भी लगेगा।
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अंग्रेजी माध्यम स्कूल लंबे समय से अभिभावकों की जेब ढीली कर रहे थे। हर शिक्षण सत्र में फीस में भारी बढ़ोतरी करने के साथ ही यूनिफार्म भी बदल दी जाती है। यहीं नहीं हर साल किताबें भी बदल दी जाती थीं। स्कूल एनसीआरटी की किताबेें चलाने की बजाए कमीशन के लिए निजी प्रकाशनों की किताबें चलाते हैं। नियमानुसार कम से कम तीन साल तक किताबें नहीं बदली जा सकती हैं। मगर निजी विद्यालय हर वर्ष किताबें बदल देते हैं। सीबीएससी, आईसीएससी बोर्ड से संचालित विद्यालय जमकर मनमानी कर रहे थे। योगी सरकार के ताजा फैसले के मुताबिक अब निजी विद्यालय हर वर्ष पांच से सात फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते। साथ ही पांच वर्ष के पहले यूनिफॉर्म भी नहीं बदल सकते। फरमान का उल्लंघन करने पर एक से पांच लाख का जुर्माना लगेगा। साथ ही स्कूल की मान्यता भी रद हो जाएगी। ये निजी विद्यालय एक वर्ष में अभिभावकों से 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की अतिरिक्त वसूली करते थे।
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