वाराणसी। बीएचयू बवाल के बाद छुट्टी पर गए कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी गुरुवार को दिवाली की शाम 18वें दिन बगैर किसी पूर्व सूचना के परिसर आए। इस दौरान शाम करीब साढ़े सात बजे प्रो. त्रिपाठी ने मालवीय भवन और कुलपति आवास में परंपरागत ढंग से पूजा-अर्चना की और दीप जलाए। सूत्रों की मानें तो उन्होंने अपने खास समर्थक प्रोफेसरों से मुलाकात भी की। चर्चा है कि दिवाली के बहाने प्रो. त्रिपाठी माहौल भांपने आए थे। उनके समर्थक इससे खुश हैं। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि दीपावली की छुट्टी के बाद वह परिसर में लौट आएंगे।
21 सितंबर को छेड़खानी और 23 सितंबर की रात धरना-प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना देश भर में बीएचयू की चर्चा हुई। पूरे प्रकरण में निशाने पर आए कुलपति प्रो. त्रिपाठी दो अक्तूबर को अवकाश पर चले गए। उनके छुट्टी पर जाने को लेकर कई तरह की अटकलें लगती रहीं। कहा गया कि अब वह 27 नवंबर को अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले परिसर में नहीं आएंगे। इस बीच गुरुवार को दीपावली की शाम उनका बीएचयू आना, दूसरे सवाल खड़े कर रहा है। कहा जा रहा है कि बीते दो साल में दीपावली या ऐसे किसी पर्व पर कुलपति इलाहाबाद चले जाते थे। उधर, वीसी पक्ष के प्रोफेसराें का कहना है उन्होंने अब तक इस्तीफा तो दिया नहीं, वे जब चाहें यहां आ सकते हैं।