वाराणसी। चर्चित कहानीकार प्रो. काशीनाथ सिंह के नाम पर मंगलवार को किसी ने वाट्सएप पर बड़ी शरारत की। उनकी ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ऐसा पत्र वायरल किया गया जिसमें भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पाकिस्तान की जमकर तारीफ की गई है। देर शाम वाट्सएप पर वायरल हुए इस पत्र से कथाकार ने खुद को अलग करते हुए इसका खंडन किया। उन्होंने ‘अमर उजाला’ से कहा कि यह वाट्सएप पर किसी की खुराफात है। इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
वाट्सएप पर काशीनाथ सिंह के नाम से जारी किए गए इस पत्र में पनामा लीक केस में नवाज शरीफ की सरकार जाने पर पाकिस्तानी कानून की सराहना की गई है। कहा गया है कि उसी में हमारे देश के 500 लोगों के नाम हैं। गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी, सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और उनकी बहू ऐश्वर्या के अलावा अभिनेता अजय देवगन, छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह के नाम का भी जिक्र किया गया। इसके अलावा भी कई भारतीय हस्तियों के इसमें नाम हैं, जो पनामा लीक मामले में फंसे हुए हैं। कहा गया है कि इन लोगों के नाम उसी केस में है जिसमें पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ को दोषी माना गया है।
इतना ही नहीं पीएम मोदी को संबोधित पत्र में बिहार में हाल के राजनीतिक घटनाक्रम का भी जिक्र किया गया है। कहा गया है कि आप ईमानदारी के नाम पर बिहार की सरकार पलट देते हैं लेकिन इस मामले में कुछ नहीं कर पाए। जरा पाकिस्तान से ही सीखिए, जहां की सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सलाखों का रास्ता दिखा दिया।
काशीनाथ सिंह के नाम विवादित बयान जारी करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले कैफी आजमी अवार्ड की घोषणा के दौरान भी उनके हवाले से कहा गया था कि वह राज्यपाल रामनाईक के हाथों सम्मान स्वीकार नहीं कर सकते। तब भी उन्होंने इससे खुद को अलग कर लिया था। फिल्म ‘मुहल्ला अस्सी’ के प्रोमो में आपत्तिजनक संवाद पर भी उन्होंने किनारा कर लिया था।