वाराणसी। शहर को हरा-भरा करने के लिए शासन ने इस बार वाराणसी के लिए विशेष लक्ष्य तय किया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में इस बार में करीब दो लाख पौधे लगाए जाएंगे। खास तौर से उन हिस्सों पर फोकस किया जाएगा जहां नई कॉलोनियां बन रही हैं। सारनाथ, शिवपुर, कैंट, लंका, रोहनिया क्षेत्र में सबसे अधिक पौधे लगाए जाने हैं। पौधरोपण के लिए वन विभाग के अलावा अन्य सरकारी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। जागरूकता के लिए शिक्षण संस्थानों में विशेष अभियान चलाया जाना है। रोपे गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल के लिए भी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। जो विभाग पौधे लगाएगा, वह उसकी पूरी देखरेख करेगा।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले साल जो पौधे लगाए गए थे उनमें 50 फीसदी से अधिक पौधे निगरानी के अभाव में खराब हो गए या सूख गए। वाराणसी में पिछले साल 206425 पौधे लगाए गए थे। सड़कों के किनारे, कॉलोनियों में लगाए गए पौधे मुरझा गए। उनके ब्रिकगार्ड भी टूटकर नष्ट हो गए। वन विभाग के अलावा शिक्षण संस्थानों, शिक्षा विभाग और वीडीए की ओर से भी लगाए गए पौधों का पुरसाहाल नहीं है। पौधों को लगाने में हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं मगर उसके बाद देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी तय न होने से पैसा और पौधे सब नष्ट हो जाते हैं। इसे देखते हुए अबकी पौधरोपण के साथ ही शासन ने पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी तय की है। इस साल भी वन विभाग के अलावा विभिन्न विभागों को 180 हेक्टेयर में 196900 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। डीएफओ मूलचंद्र का कहना है कि इस बार पौधों को लगाए जाने के साथ ही उनकी देखरेख का इंतजाम भी किया जा रहा है। इसकी पूरी मानीटरिंग की जाएगी।
इस साल रोपे जाएंगे इतने पौधे
वन विभाग-107000
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण-2800
ग्राम्य विकास विभाग-58500
नगर विकास विभाग-2600
लोक निर्माण विभाग-2600
सिंचाई विभाग-11700
रेशम विकास विभाग-3250
माध्यमिक शिक्षा-3250
आवास विभाग-4550
औद्योगिक विकास-650