वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 15 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान को जिले में गहरा धक्का लगा है। अब तक 30 फीसदी सड़कों की मरम्मत बाकी है। अब बारिश शुरू होने के बाद इनका मरम्मतीकरण मुश्किल होगा। बता दें कि जिले में पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, निकाय, पंचायत, मंडी परिषद को अपने हिस्से की कुल 980 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत करानी थी। अब तक मात्र 678 किमी सड़कें ही गड्ढामुक्त कराई जा सकी हैं। आंकड़ों के हिसाब से 69.18 फीसदी सड़कें ठीक की गईं।
सबसे खराब स्थिति नगर निगम की है। शहर की करीब 80 फीसदी सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। शहर के प्रमुख मार्गों के गड्ढे भरे गए लेकिन अंदर की सड़कों और गलियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। अस्सी-राजघाट मार्ग पर गलियों समेत विभिन्न शहर के हिस्सों की अंदर की सड़कों की हालत खस्ता है। निगम के अधिकारी इसके लिए भूमिगत केबल के लिए की गई खुदाई को कारण मानते हैं। उनका कहना है कि जब तक भूमिगत केबल डालने का काम पूरा करने की रिपोर्ट नहीं देंगे, सड़क ठीक कराना संभव नहीं होगा। सभी विभागों की उनकी हिस्से की तकरीबन 25 प्रतिशत सड़कें खराब रहीं। कोई न कोई बहाना लगाकर विभागों ने काम अधूरा छोड़ रखा। काम पूरा न कराने के पीछे अधिकारी बालू और गिट्टी नहीं मिलने को कारण बता रहे हैं।
सीडीओ सुनील कुमार वर्मा का कहना है कि जिले में 980 किमी सड़कों को गडढामुक्त करना था। इनमें से 678 किमी सड़कों को गडढामुक्त कराया गया है। बाकी कार्यों को जल्द पूरा कराएंगे। वहीं पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एके सिंह भदौरिया का कहना है कि पीडब्ल्यूडी ने 82 प्रतिशत सड़कों की मरम्मत करा दी है। बाकी काम बारिश बाद कराया जाएगा। फिलहाल गड्ढों को भर देंगे ताकि हादसे न हों।