वाराणसी। चेतगंज थाने के बाहर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने के मामले में नामजद संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रसंघ महामंत्री देवनारायण पांडेय और शिवम को गुरुवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को जेल भेज दिया। वहीं, एसीएम तृतीय ने कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती शुभम सेठ और मोहित का शांतिभंग की आशंका में दोनों को पाबंद कर दे जमानत दी। वहीं, एहतियातन पुलिस काशी विद्यापीठ और संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चक्रमण करती रही।
छेड़खानी के आरोप में चेतगंज थाने पर बैठाए गए दो छात्रों को छुड़ाने के लिए बुधवार की रात अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े काशी विद्यापीठ और संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्र पहुंचे। छात्रों का कहना था कि तहरीर नहीं दी गई है तो दोनों को छोड़ दिया जाए। इंस्पेक्टर चेतगंज ने बताया कि दोनों का शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया है, इस वजह से नहीं छोड़ा जा सकता। इसे लेकर छात्र चेतगंज थाने के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे।
आरोप है कि इस दौरान छात्रों ने पुलिस से दुर्व्यवहार और गालीगलौज किया। इसे लेकर पुलिस ने छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर लाठियों से पीटा। प्रकरण को लेकर पुलिस की ओर से चेतगंज थाने में तीन नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस संबंध में इंस्पेक्टर चेतगंज ने बताया कि छेड़खानी के आरोप में लाए गए दोनों छात्रों का शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया था। दोनों को जमानत मिल गई है। वहीं, देवनारायण पांडेय और शिवम को अदालत ने जेल भेज दिया है।
चेतगंज थाने के बाहर पुलिस की पिटाई में घायल छात्रों को देखने के लिए गुरुवार को दिन भर कबीरचौरा अस्पताल में छात्रों की भीड़ लगी रही। घटना की जानकारी पाकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप सिंह भी कबीरचौरा अस्पताल पहुंचे। घायल छात्र शुभम सेठ और अमित यादव से उन्होंने घटना के संबंध में जानकारी ली। वहीं, दोपहर में कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती छात्रों के द्वारा अनशन शुरू करने की जानकारी मिलने पर सीओ चेतगंज अंकिता सिंह पुलिस बल के साथ पहुंची। इस पर पता चला कि छात्र अनशन पर नहीं है।