वाजिदपुर (वाराणसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को चिर पुरातन काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर से छेड़छाड़ किए बगैर विकास और बेहतरी की परिकल्पना में नवीनता का समावेश कर सपने साकार करने के लिए निरंतर चिंतित योजनाकार के रूप में लोगों के सामने थे। बताया कि साढ़े चार साल से बनारस बदल रहा है, बढ़ रहा है। अगली योजनाओं की रूपरेखा का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वक्त आने दीजिए, काशी और पूर्वांचल के लोगों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव आएंगे।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सांसद बनने के बाद शुरू साढ़े चार साल में ‘प्रगतिशील काशी’ के लिए शुरू योजनाओं के नाम बताए, उनकी प्रगति बताई और इनसे होने वाले फायदे विस्तार से बताने के साथ काशी के विकास के प्रति प्रतिबद्धता जताई। विकास के लिए संकल्प, साधना और इसके सिद्ध होने के साथ सुंदर तस्वीर को बयां करने पर सभा स्थल में मौजूद लोगों की तालियों की गडगड़ाहट और ‘मोदी-मोदी’ के नारे इसके गवाह बने। कम समय में आवागमन की बेहतर सुविधाओं के लिए 812.59 करोड़ की लागत से निर्मित बाबतपुर फोरलेन, 759.36 करोड़ की लागत से बने रिंग रोड के पहले चरण, गंगा में प्रदूषण से मुक्ति के लिए एसटीपी और व्यापारिक सहूलियत के लिए वाराणसी से हल्दिया के बीच गंगा में जल परिवहन की शुरूआत को वाराणसी में विकास के नए युग का सूत्रपात बताया। कहा, इससे एक कंटेनर में आने वाले माल की ढुलाई में सड़क मार्ग के मुकाबले साढ़े चार हजार रुपये की बचत हुई है। 5000 करोड़ की लागत से देश में ऐसे 100 स्थान विकसित किए जा रहे हैं। जल्दी ही पूर्वी भारत के इलाके क्रूज टूरिज्म के लिए भी जाने जाएंगे।
स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए खुशी जताई कि यह आंकड़ा 40 फीसदी से बढ़कर 95 तक पहुंच चुका है। वहीं दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान के बारे में बताया कि इसके शुरू होने के 40 दिन के भीतर दो लाख लोग इससे लाभान्वित हो चुके हैं। नमामि गंगे के तहत 400 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट गंगा को प्रदूषण से मुक्ति दिलाएंगे। वाराणसी में लोकार्पित हो रही परियोजनाओं की मांग दशकों पुरानी थी, सरकार बनने के बाद इन पर काम शुरू किया गया। उनके जल परिवहन के संकल्प का मजाक उड़ाया गया था। मगर, काशी में पहुंचे पहले जलपोत ने आलोचनाओं का जवाब दे दिया है। इस जल मार्ग से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और यहां तीर्थाटन भी बढ़ेगा।
इससे पहले अपने जन्मदिवस पर 14वें दौरे में प्रधानमंत्री ने बीएचयू में भी जनसभा की थी। तब उन्होंने एक शिक्षक के रूप में अपने संसदीय क्षेत्र में कराए गए कार्यों का रिपोर्ट कार्ड लोगों के सामने रखा था। एक-एक योजना, शहर के मोहल्लों और दूरदराज के गांवों में खुशहाली और विकास के लिए शुरू की गई और पूरी हो चुकी परियोजनाओं की जानकारी दी थी।
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‘आपका उत्साह पूरा हो जाएगा तब शुरू करेंगे’
सभा में प्रधानमंत्री जब विकास योजनाओं के बारे में बता रहे थे, युवाओं में उत्साह गजब का था। लगातार मोदी-मोदी के नारे लगा थे। एक बार, दो बार और तीन बार पीएम ने मंच से कहा कि आपके उत्साह के लिए मैं आभारी हूं। , इसे बचाकर रखें 2019 तक इसकी जरूरत पड़ेगी। फिर भी नारे कम नहीं हो रहे थे अंत में मोदी ने कहा कि आपका उत्साह पूरा हो जाएगा तब शुरू करेंगे। कुछ देर भाषण मोदी ने बंद कर दिया। इस दौरान भी मोदी-मोदी के नारे लगते रहे। आवाज कम हुई तो मोदी ने कहा-मैं आपका प्यार भूल नहीं सकता। प्रार्थना है कि शांति बनाने में मदद करें, क्योंकि आज मैं आप सभी को परियोजनाओं के लाभों के बारे में बताना चाहता हूं। इसके बाद नारेबाजी कम हो गई।