वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र के रजनहिया स्थित शराब ठेके के पास हुए फूफा-भतीजे के दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए हासिमपुर के नीरज रावत और रामदत्तपुर के आशीष राजभर के पास से .32 बोर की दो पिस्टल और दो कारतूस की बरामदगी पुलिस ने की है। इनके विरुद्ध गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जाएगी। हत्याकांड में शामिल चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
शनिवार को एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज ने चखना विक्रेता पूर्व प्रधान बसंता यादव और उनके भतीजे राजेश यादव की हत्या का खुलासा किया। बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, सारनाथ थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्र, चौबेपुर थानाध्यक्ष ओम नारायण सिंह और एसआई राकेश सिंह की टीम ने सटीक सूचना पर नीरज रावत और आशीष राजभर को सारनाथ स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह और एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीमें सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की मदद से आरोपियों तक पहुंची। मामले के चार अन्य आरोपी रमदत्तपुर निवासी पंकज भारती, प्रिंस शर्मा, बाबू राजभर और राजू धरकार की तलाश के लिए दो टीमें गठित की गई हैं।
एसएसपी ने बताया कि तीन मई की रात 8:30 बजे के लगभग रजनहिया स्थित ठेके पर नीरज और आशीष ने शराब खरीदी और फिर चखना लेने के लिए पूर्व प्रधान बसंता के यहां पहुंचे। चखना खरीदने के दौरान रुपये कम कराने को लेकर बसंता से दोनों की कहासुनी और फिर मारपीट हुई थी। वहां से लौटने के बाद नीरज और आशीष अपने चार दोस्तों को लेकर रात करीब 10:30 बजे तीन बाइक से फिर वहां पहुंचे। मारपीट और फायरिंग में बसंता और राजेश की मौत हो गई। एसएसपी ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाने वाले क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को नगद पुरस्कार दिया। साथ ही, एसपी सिटी और एसपी क्राइम की पीठ थपथपाई। इनको प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।