वाराणसी। जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को कचहरी परिसर के गेट नंबर तीन के सामने सड़क जाम कर दिया। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इंस्पेक्टर जैतपुरा को हटाने की मांग की गई। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त कराया कि मुकदमा दर्ज कराया जाएगा तो मामला शांत हुआ। इस दौरान कचहरी स्थित गोलघर से नदेसर तक की दोनों तरफ की सड़क पर भीषण जाम लग रहा। अधिवक्ताओं का प्रदर्शन खत्म होने के बावजूद यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में पुलिस को घंटे भर से ज्यादा का समय लग गया। इस दौरान स्कूली बसों में सवार बच्चों, एंबुलेंस में मौजूद मरीजों के साथ ही सवारी वाहनों में बैठे यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसी तरह से रास्ता खुला तो आवागमन सामान्य हुआ।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं में से जमाल अख्तर ने बताया कि जैतपुरा थाना क्षेत्र में उनके दो मकान हैं। एक मकान के दो कमरे पर अफजाल नामक शख्स ने बतौर किरायेदार कब्जा कर रखा था। कोर्ट से अधिवक्ता के पक्ष में डिक्री पारित हुई तो गुरुवार को फोर्स लेकर अमीन कब्जा दिलाने पहुंचा। आरोप है कि अमीन विपक्षी से मिल गया और पुलिस भी पीछे हट गई। आरोप है कि इस दौरान अफजाल और उसके परिजनों ने पथराव कर दिया। साथ ही, अधिवक्ता को डीजल से जलाकर मारने का प्रयास किया गया। अधिवक्ता मामले की शिकायत करने जैतपुरा थाने पहुंचे लेकिन इंस्पेक्टर ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। शुक्रवार को अधिवक्ता एसएसपी से मिले लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो नाराज होकर सभी ने कचहरी के गेट नंबर तीन के सामने सड़क जाम कर दिया। उधर, देर शाम जैतपुरा थाने में अधिवक्ता जमाल अख्तर की तहरीर पर अफजाल समेत दस नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ मारपीट, धमकी, बलवा सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है।