वाराणसी। बीएचयू में सात दिन के भीतर धरना-प्रदर्शन, रास्ता जाम, मारपीट आदि की छह घटनाएं हुई लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन कार्रवाई के मामले में हर जगह सुस्त दिखा। इन घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा, छात्रावासों सहित परिसर में अन्य संसाधन मुहैया कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बड़ी धनराशि खर्च की जाती है। इसके बाद भी आए दिन जहां मारपीट, धरना-प्रदर्शन, रास्ता जाम हो रहा है वहीं छात्रावासों में छात्र मेस न चलने, शुद्ध पानी न मिलने आदि समस्याओं से जूझ रहे हैं। संबंधित अधिकारियों को पत्र देने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं हो रही है तो उन्हें धरना-प्रदर्शन और रास्ता जाम करना पड़ रहा है। इस दौरान छात्र आगजनी भी करने लगे हैं। दूसरी ओर प्रॉक्टोरियल बोर्ड और उसका आंतरिक खुफिया विभाग छात्रों के गुस्से को शांत करने के लिए कुछ नहीं कर पा रहा है।
प्रो. रोयाना सिंह, चीफ प्रॉक्टर ने कहा कि छात्रावासों में कभी मेस तो कभी पानी की समस्या पर छात्र धरना-प्रदर्शन, जाम लगाकर माहौल बिगाड़ रहे हैं। छात्रावासों से जुड़े अधिकारियों के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। घटनाओं में शामिल छात्रों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई की जाएगी।