वाराणसी। विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह और परिक्रमा पथ के विग्रहों पर प्रयोग के तौर पर नए पुजारियों को लगाए जाने के बाद चढ़ावा में भारी अंतर आ गया है। मां अन्नपूर्णा (पार्वती) के विग्रह से गुरुवार को 2,43,821 रुपये का चढ़ावा आने के बाद मंदिर प्रशासन ने दूसरे विग्रहों से भी पुराने अर्चकों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी। अन्नपूर्णा के विग्रह से अब तक चार से पांच हजार रुपये ही चढ़ावा जमा कराया जाता रहा है। न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चढ़ावा में आए अंतर से साबित हो गया है कि अब तक बड़े पैमाने पर अर्चक चढ़ावे की चोरियां करते थे।
बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में भी चढ़ावे की चोरी की आशंका को देखते हुए नया प्रयोग किया गया है। गर्भगृह में जम्मू कोठी के मंदिर में तैनात रहे अर्चकों को प्रयोग के तौर पर लगाया गया है, ताकि चढ़ावे की वास्तविक आमदनी का अंदाजा लगाया जा सके। गर्भगृह से भी पांच से 10 हजार रुपये तक ही चढ़ावा मंदिर प्रशासन के कोष में अर्चक जमा करते रहे हैं। न्यास अध्यक्ष ने बताया कि इस सख्ती के बाद बड़ी हुंडियों के चढ़ावे में भी जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। हुंडियों से रोज पांच से छह लाख रुपये प्राप्त होने लगे हैं। उन्होंने बताया कि चढ़ावे की चोरी रोकने के लिए अन्य विग्रहों पर भी यह प्रयोग किया जाएगा, ताकि बाबा के खजाने में वृद्धि की जा सके।