वाराणसी। काशी में सुरसरि के तट पर चार नवंबर की शाम देवलोक की निराली छटा दिखेगी। मौका होगा, देव दीपावली महोत्सव का। प्राचीन शहर के इस दीपोत्सव को निहारने के लिए देश दुनिया से सैलानी उमड़ेंगे। घाटों, सीढ़ियों, मढ़ियों के अलावा तटीय भवनों को दीपों से सजाया जाएगा। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से गंगा की मध्यधारा पर सौ फीट लंबे पैंटून के भव्य मंच पर दीपोत्सव को यादगार बनाया जाएगा। यहां इंडिया गेट की रिप्लिका पर अमर शहीदों को पुष्परीथ अर्पित पर अमर जवान ज्योति प्रज्जवलित की जाएगी। शौर्य धुन के बीच शहीदों के नाम कार्तिक में मास पर्यंत जलाए गए आकाशदीपों के उत्सव को पूर्णता प्रदान की जाएगी।
गंगा सेवा निधि के मंच पर गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगी। अध्यक्षता 39 जीटीसी के ब्रिगेडियर एसआर रहमान करेंगे। लॉरेल गेस्ट के रूप में एयर कमॉडोर धार सिंह रहेंगे। होटल गेटवे में गुरुवार की दोपहर देव दीपावली महोत्सव की रूपरेखा की विस्तार से जानकारी दी निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने। बताया कि अमर वीर योद्धाओं में सुकमा विस्फोट में शहीद पारस नाथ सरोज, शहीद साहेब शुक्ला, पंथा चौक श्रीनगर में शहीद हुए रवींद्र सिंह को उनके त्याग, बलिदान के लिए भगीरथ शौर्य सम्मान से नवाजा जाएगा। इस मौके पर 21 ब्राह्मणों के अलावा रिद्धि-सिद्धि के रूप में 42 देव कन्याओं की ओर से चंवर डुलाकर गंगा की महाआरती की जाएगी। 11 हजार दीप सजाए जाएंगे। घाट जाने वाले मार्ग के अलावा सीढ़ियों के आसपास तीन एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। इसी तरह शीतला घाट पर हजारों टिमटिमाते दीपों के बीच गंगा की महाआरती का अनुपम नजारा होगा। 21 बटुक और 42 देव कन्याएं आरती करेंगी। यहां बतौर मुख्य अतिथि महिला एवं परिवार कल्याण, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी होंगी। कर्नाटक संगीत की जानी मानी गायिका संगीता कट्टी कुलकर्णी और विजय वशिष्ट का गायन होगा। यह जानकारी गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे बाबू महाराज ने दी। उन्होंने बताया कि फूलों से सजे सौ फीट लंबे और 35 फीट चौड़े पैंटून के मंच पर गंगा निर्मलीकरण और कन्या भ्रूण हत्या रोकने की शपथ दिलाई जाएगी। इस मौके पर पं. कन्हैया त्रिपाठी, मनीष दुबे समेत समिति के कई पदाधिकारी मौजूद थे।