थाने में दर्ज केस के मुताबिक, शैली ट्रेडर्स ने 2023 से 2025 के बीच ऐबट हेल्थकेयर से प्रतिबंधित कफ सिरप खरीदा और बेचा है। इस गिरोह की कमान शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर मैदागिन निवासी भोला जायसवाल के बेटे शुभम जायसवाल के हाथ में थी। शुभम के खिलाफ गाजियाबाद में केस दर्ज कराया गया था। वह विदेश भाग चुका है। अब गाजियाबाद की पुलिस लुकआउट नोटिस जारी कराने की तैयारी में है।
दो कंपनी में काम करते मिला शुभमप्रदेश भर में कफ सिरप की खेप बरामदगी के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त रोशन जैकब ने वाराणसी में कार्रवाई की। उनके नेतृत्व में गठित सहायक आयुक्त (औषधि) अखिलेश कुमार जैन, औषधि निरीक्षक सीमा सिंह, वैभव बब्बर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के 10 अन्य औषधि निरीक्षकों की टीम ने 12 से 14 नवंबर के बीच जांच की। आयुक्त के मुताबिक, शुभम जायसवाल एक ही अवधि में मेसर्स शैली ट्रेडर्स रांची और मेसर्स न्यू वृद्धि फार्मा वाराणसी में काम करते मिला जो लाइसेंसिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन है। स्थानीय लोगों की मिलीभगत से शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद और शुभम जायसवाल वाराणसी के मैदागिन निवासी हैं।
बंद फर्मों को बेचा कफ सिरप
जांच में सामने आया कि नौ बंद फर्मों को कफ सिरप बेचा गया। इनमें मेसर्स सृष्टि फार्मा, जीटी इंटरप्राइजेज, शिवम फार्मा, हर्ष फार्मा, डीएसए फार्मा, महाकाल मेडिकल स्टोर, निशांत फार्मा, वीपीएम. मेडिकल एजेंसी और श्री बालाजी मेडिकल के नाम शामिल हैं।
आयुक्त के मुताबिक, सिर्फ कोडीन युक्त सिरप की खरीद-बिक्री के लिए ही फर्जी फर्में बनाई गईं। डीएसए फार्मा और महाकाल मेडिकल स्टोर को एक ही स्थान पर दिखा गया जो निरीक्षण में बंद मिले। डीएसए फार्मा के प्रोपराइटर ने ही महाकाल मेडिकल स्टोर के प्रोपराइटर को अनुभव प्रमाणपत्र दिया था। ऐसा कोडीन युक्त औषधियों के अवैध कारोबार के लिए किया गया ।
सराफा की दुकान में काम करने वाले के नाम पर बनाई फर्म, बेचे 2.14 लाख सिरप
आयुक्त रोशन जैकब ने बताया कि मेसर्स जीडी इंटरप्राइजेज ने शैली ट्रेडर्स से 2.14 लाख शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप खरीद की लेकिन बिक्री की रसीद नहीं दी गई। इसी तरह मेसर्स न्यू पीएल फार्मा ने 2.16 लाख कफ सिरप खरीदे और पूरा स्टॉक एक बंद फर्म श्री बालाजी मेडिकल को बेचना दिखाया है।
श्री बालाजी मेडिकल के स्वामी ने बताया कि वे आभूषण की दुकान में काम करते हैं। मेडिकल व्यवसाय से उनका कोई संबंध नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि फर्मों ने फर्जी बिल का उपयोग कर नशे में इस्तेमाल किए जाने वाले कफ सिरफ की खरीद-बिक्री की। इसे यूपी और दूसरे राज्य के अलग-अलग शहरों में भेजा।
इन दवा कारोबारियों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
चौक के ब्रह्माघाट निवासी तुषार अग्रवाल, सप्तसागर दवा मंडी मैदागिन के पंचगंगा घाट निवासी नीरज सेठ, सिगरा के सिंधु नगर निवासी महेश कुमार लालवानी, औसानगंज विशेश्वरगंज निवासी मनोज कुमार यादव, कोतवाली के धूपचंडी निवासी रिषभ यादव, रामनगर के जनकपुर निवासी राजीव यादव, पांडेयपुर के खजुरी निवासी प्रतीक कुमार, महमूरगंज मोहिनी कुंज निवासी धर्मेंद्र कुमार अग्रवाल, लंका के छित्तूपुर निवासी विवेक कुमार खन्ना, विशेश्वरगंज काली महल निवासी अल्पेश पटेल, मलदहिया लोहामंडी निवासी मुकेश कुमार यादव, बुलानाला निवासी योगेंद्र श्रीवास्तव, आदमपुर के गायघाट निवासी बीरेंद्र लाल वर्मा, गायघाट निवासी दिलीप कुमार, लंका के संकटमोचन निवासी महेश खेतान, भेलूपुर के खोजवा निवासी दीवेश जायसवाल, हरहुआ वाजिदपुर निवासी विकास सिंह, जैतपुरा के बड़ी बाजार निवासी विनोद केसरवानी, खोजवा निवासी अंकुश सिंह, जीवधीपुर बजरडीहा निवासी प्रतीक मिश्रा, हुकुलगंज निवासी विशाल कुमार जायसवाल, महमूरगंज विनायका निवासी नीरज सिंह, जेपी मेहता रोड सिकरौल कैंट निवासी अशोक कुमार सिंह, गायघाट निवासी राहुल यादव, सूजाबाद गायघाट निवासी आदर्श पांडेय, स्वास्तिक मार्केट सप्तसागर मंडी निवासी आनंद कुमार जायसवाल।
कफ सिरप खरीद बिक्री के आरोपी भोला प्रसाद और शुभम जायसवाल समेत 28 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगी हैं। शुभम के संपर्क में रहने वाले आरोपियों को भी हिरासत में लेकर जानकारियां जुटाई जाएंगी। - गौरव बंशवाल, डीसीपी काशी जोन