Students trapped in Kota during the lockdown were brought to Prayagraj on Saturday night by special roadways bus.
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हॉस्टल वाले घर जाने का बनाते थे दबाव
राजस्थान कोटा से आने वाले छात्र छात्राओं ने आपबीती बया करते हुए बताया कि राजस्थान सरकार के दबाव में कोटा के सभी हॉस्टल व रूम मालिक हम लोगों को अपने-अपने घरों को जाने के लिए बार-बार मजबूर कर रहे थे। इसकी सूचना हम लोगों ने अभिभावकों को भी दी। साथ ही सरकार से भी घर भिजवाने की गुहार लगाई गई थी। उन्होंने प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया। बताया कि कोटा में स्क्रीनिंग के बाद एक चाय व एक पैकेट चिप्स दिया। इसके बाद दूसरी स्क्रीनिंग झांसी में हुई ।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बस यही था कि कितनी जल्दी घर आ जाये। सरकार का शुक्र है कि बसों से हमें घर तक पहुंचाया गया।
स्वतंत्र, अजगरा
लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही हमें घर जाने के लिए बार-बार दबाव बनाया जा रहा था। अब घर पहुंचने के बाद बड़ी राहत महसूस हुई।
अनिकेत, मोढैला
राजस्थान में रहने के बाद भी केवल घर की ही चिंता थी, कि जितना जल्दी हो घर पहुंच जाएं। सरकार के प्रयास से यह संभव हुआ।
सृष्टि, लंका
यूपी सरकार के प्रयास से ही हम सब अपने घर आ पाए हैं। अब किसी तरह की कोई चिंता नहीं है।
निकिता, जगतपुर