श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि मंदिर चौक में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी दर्शनार्थियों के आकर्षण का केंद्र बन गई है। इसमें वैदिक काल गणना के कई तथ्यों को शामिल किया गया है। जिस स्थान पर जो सूर्योदय का समय होगा, उस स्थान की काल गणना उसी के अनुसार होगी। भारतीय स्टैंडर्ड टाइम भी उसी से जुड़ा रहेगा। इस घड़ी के माध्यम से वैदिक समय, लोकेशन, भारतीय स्टैंडर्ड टाइम, भारतीय पंचांग, विक्रम संवत मास, ग्रह स्थिति, भद्रा स्थिति, चंद्र स्थिति आदि की जानकारी मिलेगी। घड़ी के रखरखाव व मरम्मत आदि की जिम्मेदारी न्यास परिषद ही उठाएगा।
सीईओ विश्वभूषण ने बताया कि वैदिक घड़ी के साथ ही विक्रमादित्य वैदिक घड़ी एप भी विकसित किया गया है। बीएचयू संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि इससे युवा पीढ़ी को समय चक्र का बोध होगा और भारतीय काल गणना को ठीक से समझा जा सकेगा।