वाराणसी। मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर डिजिटल सिगनल प्रणाली से ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था पहले ही दिन ध्वस्त हो गई। शाम साढ़े सात बजे सिगनल फेल हो गया, जिससे विभूती एक्सप्रेस डेढ़ घ्ंाटे से ज्यादा समय तक आउटर में खड़ी रही। वहीं शिवगंगा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से सवा तीन घंटे बाद रवाना हो सकी। ट्रेनों को मैनुअली संचालित किया गया।
मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर अभी तक ट्रेनों का संचालन पुरानी व्यवस्था पर किया जाता रहा है। यहां पिछले 15 दिनों से यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य किया जा रहा था। 13 जनवरी तक कार्य को पूर्ण किया जाना था। रविवार को जब डिजिटल आधारित सिगनल प्रणाली से ट्रेनों का संचालन किया गया तो शाम को दिक्कत आ गई। ऐसे में मंडुवाडीह के आस-पास ट्रेन परिचालन ठप हो गया। इलाहाबाद की तरफ जाने वाली विभूती एक्सप्रेस को यार्ड में ही रोक दिया गया। पहले तो इसे ठीक करने का प्रयास किया गया। जब बात नहीं बनी तो मैनुअल ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। वहीं शाम 7:40 बजे मंडुवाडीह से रवाना होने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस रात 11 बजे के बाद जा सकी। वहीं मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट सहित कई और ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा। सूत्रों की मानें तो आला अधिकारियों के दबाव में यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य को कागजों में पूरा तो कर दिया गया है पर अभी व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त नहीं हुई है। भविष्य में इस तरह की और भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।