वाराणसी। मवेशियों से भरे दो ट्रक को छोड़ने के लिए पशु तस्करों से की गई सौदेबाजी की ऑडियो क्लिप व्हाट्स ऐप पर वायरल होने के बाद सोमवार की रात तीन बजे एसएसपी ने मिर्जामुराद इंस्पेक्टर विश्वजीत प्रताप सिंह और सिपाही हैदर को लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। वहीं, इस प्रकरण से संबंधित सीओ कैंट की जांच रिपोर्ट आने पर मामले में दोषी पाए जाने वाले अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इससे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में शनिवार को 61 मवेशियों से भरे दो ट्रक पुलिस ने पकड़े थे। आरोप है कि कार्रवाई के बजाय मिर्जामुराद थाने के इंस्पेक्टर रहे विश्वजीत प्रताप सिंह की मिलीभगत से यहीं का सिपाही हैदर पशु तस्करों से ट्रकों को छोड़ने के लिए मोलभाव करने लगा। सिपाही दो से पांच लाख रुपये के बीच तस्करों से मांग रहा था। हालांकि बात नहीं बन सकी और सोमवार को यह प्रकरण व्हाट्स ऐप ग्रुप पर वायरल हुआ तो एसएसपी ने सीओ कैंट को जांच सौंपकर एक हफ्ते में रिपोर्ट तलब की। इस संबंध में मंगलवार को एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मिर्जामुराद इंस्पेक्टर और सिपाही दोनों दोषी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में मामला स्पष्ट होने पर दोनों के निलंबन के साथ ही विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।