वाराणसी। प्रदेश के आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह ने रविवार को यहां व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं पर सरकार गंभीर है। जीएसटी और ई-वे बिल को लेकर जो भी दिक्कतें आ रही हैं, उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। वह राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार मंडल से संबद्ध वाराणसी व्यापार मंडल के तत्वावधान में पिपलानी कटरा में आयोजित व्यापारिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान व्यापारियों ने जीएसटी और ई-वे बिल की दिक्कतों को पुरजोर तरीके से उठाया। कहा कि ई-वे बिल का सरलीकरण किया जाए। इस मौके पर दस व्यापारियों को सम्मानित किया गया।
व्यापारियों ने जीएसटी और ई-वे बिल के अलावा खाद्य सुरक्षा मानक, एफडीआई, ऑनलाइन, ट्रेडिंग, ई-व्यापार, वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट के बीच हुए समझौते से खुदरा व्यापार पर असर और कुटीर उद्योग की समस्याएं भी उठाईं। कहा कि खुदरा व्यापार को संरक्षित किया जाए। वरिष्ठ व्यापारी नेता अमित गुप्ता ने कहा कि जीएसटी विश्व के अधिकतर देशों में लागू है। अगर यह व्यवस्था सही नही होती तो करीब 144 देशों में जीएसटी प्रभावी तरीके से संचालित नहीं होती लेकिन इसका सरलीकरण जरूरी है। प्रदेश अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने मुद्रा लोन पर चार फीसदी ब्याज दर पर जरूरतमंद व्यापारियों को ऋण उपलब्ध कराने की मांग उठी। खाद्यान्न वस्तुओं को वायदा करोबार से हटाया जाए।
संगठन के प्रदेश महामंत्री आलोक आर्य और रवींद्र जायसवाल ने भी व्यापारिक समस्याओं को सिलसिलेवार रखा। वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने कहा कि देशों में ई-व्यापार के बढ़ते प्रचलन से खुदरा व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। स्वागत डॉ. एके कौशिक, संचालन रमेश निरंकारी व कीर्ति पांडेय तथा धन्यवाद जगदीश प्रसाद ने दिया। सम्मेलन अरविंद अग्रवाल, डॉ. अशोक सिंह, कैप्टन व्याला, सुशील लखामानी, सन्नी जौहर, जय निहलानी, शिवप्रकाश आदि मौजूद रहे।