वाराणसी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभय श्रीवास्तव की अदालत में सिकरौरा नरसंहार कांड की वादिनी के विधिक पैरोकार राकेश न्यायिक की ओर से याचिका दाखिल की गई है। याचिका में नरसंहार कांड के आरोपी एमएलसी बृजेश सिंह के साजिश में शामिल होने का आरोप है। उन पर आर्थिक लाभ हासिल कर अति प्राचीन सत्र ट्रायल को प्रभावित व विलंबित कर आरोपी को लाभ पहुंचाने और गुमराह पूर्ण रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का आरोप भी लगाया गया है। न्यायालय ने याचिका के तथ्यों के प्रकाश में शिवपुर थानाध्यक्ष से नौ फरवरी को विस्तृत आख्या तलब की है।
शिवपुर निवासी राकेश न्यायिक ने याचिका में बृजेश सिंह, केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक व चिकित्सा अधीक्षक, बीएचयू आईएमएस के डायरेक्टर, एचओडी व ट्रामा सेंटर के सीएमएस व इंचार्ज और डॉ. सौरभ सिंह समेत प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से साजिश में शामिल लोगों को आरोपी बनाया है। अधिवक्ता अमरेंद्र विक्रम सिंह की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया कि आरोपी बृजेश सिंह को बीएचयू में भर्ती किए जाने का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। कोर्ट को सिर्फ गुमराह कर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना की जा रही है। आरोप में कहा गया कि आरोपी द्वारा पूरी योजना केंद्रीय कारागार में वरिष्ठ अधीक्षक, कारापाल, चिकित्साधीक्षक व अन्य को आपराधिक साजिश में लेकर बनाई गई। ऐसे में इनका अपराध गंभीर किस्म का है। याचिका के माध्यम से आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की आपराधिक षड्यंत्र सहित आधा दर्जन से अधिक धाराओं से दंडित किए जाने का कोर्ट से अनुरोध किया गया है।