वाराणसी। पुरानी काशी में पेयजल पाइप लाइन बिछाने में लापरवाही करने के मामले में यहां से हटाए गए अधीक्षण अभियंता (एससी) डीपी सिंह और निलंबित किए गए अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) सुरेंद्र कुमार को लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। उधर, मुरादाबाद के अधीक्षण अभियंता आरपी पांडेय दो तीन दिनों के भीतर यहां चार्ज लेंगे। इसके पहले 2010 से 2016 तक यहां अधिशासी अभियंता रहे अधीक्षण अभियंता पर प्रमोशन के बाद उनका स्थानांतरण हो गया था।
बीते दिनों काशी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पता चला कि पाइप लाइन बिछाने के बाद उसे बिना कनेक्ट किए ही जैसे-तैसे छोड़ दिया गया था। इस पर सीएम ने निर्देश दिया था जिन लोगों के कार्यकाल में काम हुआ उन्हें बनारस संबद्ध किया जाए। वर्ष 2010-15 के बीच पुरानी काशी के 41 जोन के 10 जोन में पाइप लाइन बिछाने के बाद उसे ठीक ही नहीं किया गया और अफसर भूल गए। इसमें बेनियाबाग, शिवाला, भदैनी, खोजवा का इलाका शामिल है। इस दौरान पाइप लाइन बिछाने में तीन अधीक्षण अभियंता, पांच अधिशासी अभियंता, 17 सहायक अभियंता और 12 जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। जिन्होंने पाइप लाइन बिछाने के बाद अपना यहां से स्थानांतरण करा लिया या फिर विभाग की ओर से कर दिया गया।