बलिया। प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में धांधली की शिकायतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। लेकिन अधिकारी इसे गम्भीरता से नहीं ले रहे हैं। आवास योजना के संचालन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आवास माफियाओं के तार ग्रामीण क्षेत्र से लेकर जिला मुख्यालय तक जुड़े हैं, जिससे यह योजना भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है। हालत यह है कि इस गड़बड़झाला की जद में दो सांसद आदर्श गांव भी आ गए हैं। जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती की जा रही है।
शासन के निर्देश के बावजूद प्रधानमंत्री आवास आवंटन में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। इसके चलते आए दिन अफसरों के यहां शिकायतें पहुंच रही हैं। कई मामले में जांच में धांधली की पुष्टि होने के बाद भी अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। आलम यह है कि रोजना किसी न किसी गांव के ग्रामीणों की ओर से आला अफसरों को इस बाबत शिकायती पत्र दिया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो जांच के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है। इतना ही नहीं सांसद आदर्श गांव भी इससे अछूते नहीं रह सके हैं । सांसद आदर्श गांव में कुशहर में फर्जी तरीके से खाता खोलवा कर सात लाभार्थियों के 2.80 लाख का आहरण भी कर लिया गया था। हालांकि इसका खुलासा होने पर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी तरह सांसद आदर्श गांव के लाभार्थियों सनकेशरी, शिवजी राम, रामनाथ राम, सुरेन्द्र राम, मंजू देवी आदि ने अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर आवस के नाम पर वसूली का आरोप लगाया लेकिन एक सप्ताह बाद भी इसकी जांच शुरु नहीं हो सकी है। इसके अलावा सीयर ब्लाक के हल्दी रामपुर गांव के ग्रामीणों ने आवंटित 45 में से 32 लाभार्थियों के अपात्र होने की शिकायत अधिकारियों से की लेकिन यह जांच भी दो महीने से अधिकारियों के ठंडे बस्ते में है। इसी तरह सोहांव ब्लाक के कई गांवों के ग्रामीणों की ओर से आवास आवंटन में धांधली की शिकायत की गई। बुधवार को चिलकहर ब्लाक के रत्तीपुर गांव की विधवा सोनिया ने सीडीओ को शपथ पत्र के साथ शिकायत कर बताया कि आवास के नाम पर प्रधान प्रतिनिधि ने उनसे तो 20 हजार लिया ही है अन्य लाभार्थियों से भी वसूली की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित जो भी शिकायतें मिलती हैं उसकी जांच कराई जाती है। कई मामले में कार्रवाई भी हो चुकी है। जिला विकास अधिकारी की ओर से सोहांव के गांवों के मामले की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार सीडीओ, बलिया।