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मन से मसान का भय निकाल दो : मोरारी बापू

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वाराणसी। गंगा तट पर डोमरी में हजारों आस्थावानों के बीच संत मोरारी बापू ने सोमवार को मसान का मर्म समझाया। कहा कि मन से मसान का भय निकाल दो। मसान एवं चिता दोनों पवित्र हैं। जीवन से प्रलोभन और मृत्यु का भय निकाल देना ही मानस मसान है और इससे जीवन का उद्धार निश्चित है।
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संगीतमय रामकथा में बापू ने कहा कि भौतिक श्मशान भयावह होता है और वहां दिन भी रात लगती है। जीवित का डर रखो क्योंकि वो कभी भी तुम्हारी निंदा करेगा। जो मर गया वो तुम्हारा क्या बिगाडे़गा। भूत कभी भी झूठ नही बोलता है और ना ही ईर्ष्या रखता है। यमराज और धर्मराज एक ही हैं। दुष्ट को दंड देने वाली चेतना को यमराज और धार्मिक लोगों को सुख देने वाली चेतना को धर्मराज कहते हैं।
कहा कि दैविक श्मशान देवालय होता है क्योंकि वहां शिव और पार्वती रहते हैं। शिव का अर्थ कल्याण है और शिव से श्रेष्ठ कोई नहीं है। मणिकर्णिका घाट एक देवालय है, जहां चिताएं जलती रहती हैं। ऐसा लगता है, जैसे कोई आरती उतार रहा है। जहां भक्ति, विश्वास, श्रद्धा और संयम हो, वहां आदि दैविक श्मशान है। आध्यात्मिक श्मशान में ज्ञान की जागृति होती है और ज्ञान का जाग जाना ही आध्यात्म है।
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काशी और मणिकर्णिका की महत्ता का वर्णन करते हुए बापू ने कहा कि धरा से उत्तम स्वर्ग कहीं नहीं है। पूरी वसुधा में भारत जैसा और भारत में काशी जैसा और काशी में मणिकर्णिका जैसा कोई और स्थान नहीं है। यहां भक्ति मणि शंकर लोगों के कान में राम नाम की मणि डाल रहे हैं। काशी में भक्ति और मुक्ति दोनों का भंडार है। वेद वचन की महिमा है। मित्र वचन की महिमा है लेकिन गुरु वचन ही सर्वोच्च है।
मानस में अप्रकट और अपरोक्ष को केवल गुरु कृपा से ही जाना जा सकता है। गुरु के वचन पर भरोसा रखकर उसे हमेशा गुप्त रखना चाहिए। गुरु जब आदेश दे तभी उसे बताना चाहिए। गुरु वचन में विश्वास नहीं है तो सिद्धि नहीं मिल सकती। गुरु से जो ज्ञान मिलता है, वो किताबों में भी नहीं मिल सकता है। गुरु वचन का कोई विकल्प नहीं है। इस दौरान मदन पालीवाल, ट्रस्टी प्रकाश पुरोहित, रवींद्र जोशी, रूपेश व्यास, विकास पुरोहित, मंत्रराज पालीवाल, सतुआ बाबा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। रामकथा का दुनिया के 170 देशों में सीधा प्रसारण किया गया। रामकथा में हजारों श्रद्धालु गंगा के विभिन्न घाटों से नावों से डोमरी पहुंचे। मुख्यमंत्री एवं गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ बुधवार को रामकथा में शामिल होंगे।
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