वाराणसी।संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में अव्यवस्था के विरोध में केंद्रीय कार्यालय के बाहर चल रहा धरना छठे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को शिक्षक, कर्मचारी, छात्रनेता और छात्रसंघ पदाधिकारियों का धरना तो दिखा लेकिन अधिकारी धरने पर नहीं दिखे। इस बीच कुलपति की ओर से मांगों पर कोई कार्रवाई न होने से अब धरनारत कर्मचारी और छात्रनेताओं ने गांधीगीरी करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार से इसकी शुरूआत होगी। कर्मचारी जहां धरना स्थल के आसपास घूमकर बूट पालिश करेंगे वहीं छात्रनेता सदबुद्धि यज्ञ करेंगे। छह दिन से विश्वविद्यालय भी बंद है और कोई काम नहीं हो पा रहा है।
विश्वविद्यालय में छह दिन से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। अलग-अलग पांच स्थानों पर बैठकर शिक्षक, कर्मचारी, छात्रनेता, छात्रसंघ पदाधिकारी और अधिकारी नारेबाजी कर अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। इस बीच गुरुवार को अधिकारियों का धरना तो नहीं दिखा लेकिन कुछ अधिकारी शिक्षकों के धरना स्थल के पास शाम को नजर आए। इस बीच छात्रसंघ पदाधिकारियों ने कुलपति पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान छात्रनेता विवेक चौबे, मनीष मिश्र सहित कई लोग मौजूद रहे। उधर केंद्रीय कार्यालय नए भवन के पास धरने पर जगदंबा मिश्र बली, डॉ. गणेश गिरी आदि के नेतृत्व में धरने पर बैठे छात्रनेताओं ने शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रसंघ पदाधिकारियों पर कुलपति पर दबाव बनाकर नियुक्ति कराने का आरोप लगाया है। बताया कि शुक्रवार को बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया जाएगा। कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि कुलपति द्वारा मांगें न माने जाने के विरोध में शुक्रवार को कर्मचारी बूट पॉलिश करेंगे जबकि शनिवार को भिक्षाटन किया जाएगा। इस बीच शिक्षक भी अपनी मांग पर अड़े हैं।