मछलीशहर। जिनके ऊपर समाज की सुरक्षा का भार है ऐसे पुलिस महकमे में कार्यरत जवान अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जर्जर हो चुके अंग्रेजों के जमाने में बने भवन में निवास करना उनकी मजबूरी है। कंडम घोषित होने के बावजूद भी नए भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। नए भवन के निर्माण की घोषणा हुए दस वर्ष बीत गए लेकिन अब तक कार्य आरंभ नहीं हो सका है। आए दिन छत टूटकर गिरने से पुलिस कर्मियों में भय बना हुआ है। फिर भी यहां इसी में जान जोखिम में डालकर रहना जवानों की मजबूरी है।
बतादें कि मछलीशहर कोतवाली भवन का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत में हुआ था। तब से आज तक एक लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी जर्जर भवन के जीर्णोद्धार की तरफ विभाग का ध्यान नहीं गया। अलबत्ता लगभग एक दशक पूर्व यहां निरीक्षण में आए डीआईजी वाराणसी सूर्यकुमार शुक्ला का ध्यान भवन पर गया तो उन्होंने इसे कंडम घोषित कर शासन को नवनिर्माण के लिए पत्र लिखा था। जो फाइलों में ही दबा रह गया। वहीं कोतवाली परिसर में ही नगर की पुलिस चौकी स्थापित है। जिसकी दीवार लगभग पांच वर्ष पूर्व ढह जाने के बाद भी उसी अवस्था में है। कोतवाल पन्नगभूषन ओझा ने बताया कि कोतवाली भवन कंडम घोषित हो चुका है। बजट के अभाव में कार्य आरंभ नहीं हो सका था। अब बजट मिलने की जानकारी विभाग द्वारा मिली है। शीघ्र ही निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा।