वाराणसी। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए चल रही उठापटक के बीच सपा और भाजपा के 35 से ज्यादा सदस्यों के जिले से बाहर सैर पर निकले होने की सूचना है। कुछ सदस्य नेपाल यात्रा पर हैं तो कुछ कुछ के मुंबई और राजस्थान में होने की जानकारी सामने आई है। इनमें सपा और भाजपा दोनों दलों से जुड़े सदस्य हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान 28 जुलाई को कराया जाना है। अविश्वास से पहले जिला पंचायत सदस्यों के सैर पर निकलने से राजनीति और गरमा गई है। भाजपा और सपा दोनों दलों की तरफ से जीत के दावे किए जा रहे हैं लेकिन अविश्वास से पहले सदस्यों के सैर पर निकलने के बारे में सार्वजनिक तौर पर कोई कुछ भी कहने से बच रहा है।
सूत्रों की मानें तो कुछ सदस्य सपा की तरफ से बाहर भेजे गए हैं तो कुछ भाजपा की तरफ से। अविश्वास पर मतदान से ठीक पहले इनकी वापसी की तैयारी है। इसके पीछे सपा की कोशिश है कि किसी तरह उनके दल के सदस्यों को विपक्षी तोड़ने न पाएं। वहीं, भाजपा की कोशिश अविश्वास से पहले बहुमत सुनिश्चित करने की है। सूत्र बता रहे हैं कि दोनों दलों की खींचतान के बीच बहुमत का गणित अब तक उलझा हुआ है। दोनों दलों की नजरें उन सात सदस्यों पर टिकी हैं, जो किस ओर जाएंगे ये तय नहीं है। 48 सदस्यों वाले सदन में बहुमत के लिए 25 का आंकड़ा जरूरी है। सपा की वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर की कुर्सी सलामत रहने का दावा करते हुए सपा जिलाध्यक्ष डॉ.पीयूष यादव ने कहा कि हार के डर से ही भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव की तिथि बढ़वाकर 28 जुलाई कराई है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा का कहना है कि उनके पास पूर्ण बहुमत है। जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का होगा।