वाराणसी। आबकारी विभाग में सरकारी भांग की बिक्री में बड़ा गोलमाल है। भांग बेचने वाले ठेकेदार शराब बेचने वालों से ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं। ठेकेदार सरकारी दर के हिसाब से पचास पैसे की भांग की गोली बाजार में 15 से 20 रुपये में बेच रहे हैं। इस गोरखधंधे में आबकारी विभाग के अधिकारी और पुलिस वाले शामिल हैं। यही वजह है कि भांग के ठेकेदारों पर न तो पुलिस कार्रवाई करती है और न ही आबकारी विभाग। सावन में यह धंधा और चरम पर होता है। मांग बढ़ने के साथ ही इसका दाम भी बढ़ा दिया जाता है। कुछ दूकानों पर तो भांग की एक गोली 25 रुपये में बिकने की शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जाए तो बड़ा घपला उजागर हो सकता है।
आबकारी विभाग ने जिले में 69 लोगों को भांग बेचने का लाइसेंस दिया है। विभाग इन ठेकेदारों को 20 रुपये प्रति किलो सरकारी दर पर के हिसाब से भांग देता है। भांग का ठेका देते समय ठेकेदारों से कोई करार नहीं किया जाता कि वह बाजार में इस भांग को किस दर पर बेचेंगे। कोई लगाम न होने से ठेकेदार अपने-अपने क्षेत्र में मांग के हिसाब से भांग की दर तय कर बेचते हैं। 25 से 30 ग्राम की गोली बाजार में 15 से लेकर 20 रुपये में बेची जाती है। मांग बढ़ने पर 20 रुपये से ज्यादा की दर से भी बेचा जाती है। इस हिसाब से एक किलो भांग आठ सौ रुपये प्रति किलो बेची जा रही है। शहर में कुछ इलाके हैं जहां अवैध रूप से भांग बेची जाती है। ये लोग दूर दराज के इलाकों से चोरी छिपे भांग लाते हैं और उसे अपने हिसाब से बेचते हैं। जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह ने बताया कि ठेकेदार मनमाने दाम पर भांग नहीं बेच सकते। इस संबंध में आबकारी निरीक्षकों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे।