वाराणसी।एपेक्स कॉलेज ऑफ नर्सिंग में फीस वापसी के लिए धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं को शुक्रवार को जबर्दस्ती परिसर से बाहर निकाल दिया गया। गुस्साए विद्यार्थियों ने भिखारीपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन के लोगों ने उनके साथ मारपीट और गालीगलौज की। सूचना पर फोर्स के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कॉलेज प्रशासन से घंटो चली वार्ता में फीस वापस करने को कहा गया लेकिन बात नहीं बनी। विद्यार्थी फीस न मिलने तक परिसर में बैठे रहने पर अड़े रहे। इस पर शाम करीब पांच बजे चार छात्राओं व दो छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
विद्यार्थियों के अनुसार आरटीआई से जानकारी मिली है कि आईएनसी से कॉलेज को मान्यता नहीं मिली है। उनका कहना है कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। लिहाजा उनकी फीस वापस की जाए। बुधवार से परिसर में धरने पर बैठे विद्यार्थियों का आरोप है कि गुरुवार को कॉलेज के चेयरमैन डॉ. एसके सिंह ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। शुक्रवार को अचानक कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें बाहर कर दिया।
भिखारीपुर मार्ग पर जाम की सूचना पर एसीएम प्रथम मनोज कुमार और भेलूपुर सीओ अखिलेश सिंह मय फोर्स पहुंचे। कॉलेज को सील करने की बात कहकर जाम समाप्त कराया। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन से वार्ता करने लगे। छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में कॉलेज प्रबंधन से कई घंटे की वार्ता बेनतीजा रही। उधर, सीओ का कहना था कि छात्राओं ने अस्पताल का मेन गेट बंद कर दिया था। एंबुलेंस का आना-जाना भी मुश्किल था। समझाने पर भी नहीं मानीं तो उन्हें हिरासत में लेना पड़ा। सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया जाएगा।
कोट-
छात्र-छात्राओं को मारापीटा नहीं गया। आरटीआई में जिला प्रशासन ने कॉलेज को सही पाया है, जिसकी रिपोर्ट शासन को दी जा चुकी है। कमिश्नर ने 17 अप्रैल को ही कॉलेज को क्लीन चिट दे दी है। - डॉ. एसके सिंह, चेयरमैन, एपेक्स कालेज ऑफ नर्सिंग
छात्राएं फीस मांग रही हैं और अस्पताल प्रशासन तैयार नहीं है। छात्राओं ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल किया है और मुकदमा भी दर्ज कराया है, इसलिए कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वो अदालत के निर्देश पर ही कुछ करेंगे। - अखिलेश सिंह, सीओ भेलूपुर
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बाहर रहे तीमारदार, मरीज हुए परेशान
छात्र-छात्राओं के हंगामे की वजह से एपेक्स हॉस्पिटल के मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी हुई। राहगीरों को भी परेशानी हुई। कॉलेज प्रशासन ने जब छात्र-छात्राओं को बाहर कर गेट पर ताला लगा दिया तो काफी देर तक तीमारदारों को बाहर रहना पड़ा।