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आरएस यादव के करीबी हुए भूमिगत

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वाराणसी। भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के करीबी भी अब उनका साथ छोड़ रहे हैं। ईडी के मुकदमा दर्ज कर जांच की प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही यादव के करीबी भूमिगत हो गए हैं। पुलिस, प्रशासन और शासन में पैरवी करने वाले भी किनारा कर रहे हैं। ईडी आरएस यादव की काली कमाई के स्रोतों का भी पता लगा रही है। उसके भागीदार कौन-कौन हैं और किनके नाम पर कितनी संपत्ति जुटाई गई है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
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यादव से जुड़े लोग शासन में पैरवी कर रहे थे कि प्रकरण की जांच प्रवर्तन निदेशालय से न कराई जाए। वे जानते थे ईडी की जांच निष्पक्ष होगी और संपत्ति जब्त होने का खतरा भी बना रहेगा। अब ईडी की सक्रियता से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। ईडी की टीम जल्द ही जांच के क्रम में वाराणसी आ सकती है। आरएस की बेनामी कंपनियों और संपत्तियों से जुड़े कागजात चंदौली पुलिस ने ईडी को उपलब्ध करा दिए हैं। आरएस यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए अदालत की शरण लेने वाले राकेश न्यायिक और पूर्वांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह ने भी संपत्तियों से जुड़े कागजात ईडी को भेजे हैं।

आरटीओ ने ली ओवरलोड ट्रकों की जानकारी
नव नियुक्त आरटीओ प्रवर्तन केडी सिंह शुक्रवार को ओवरलोड ट्रकों के आवागमन की पड़ताल करने चंदौली पहुंचे। चंदौली एआरटीओ कार्यालय का मुआयना करने के बाद वह चंदौली-वाराणसी मार्ग पर निकले। डाफी टोल प्लाजा पहुंचकर उनका रिकार्ड चेेक किया। रिकॉर्ड के मुताबिक अब भी रोजाना सैकड़ों ट्रक चंदौली से वाराणसी की सीमा में प्रवेश करते हैं। वापस कार्यालय पहुंचकर केडी सिंह ने कहा कि ओवरलोड ट्रकों का संचालन हर हाल में बंद कराया जाएगा।
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अफसर बदले पर नेम प्लेट पुराना
हरहुआ। जमालपुर स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय में आरटीओ प्रवर्तन केडी सिंह ने कार्यभार ग्रहण कर लिया लेकिन अब भी दफ्तर के बाहर पूर्व आरटीओ प्रवर्तन राधेश्याम का नेम प्लेट ही लगा हुआ है। बता दें कि शासन ने राधेश्याम को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
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