महाप्रभु वल्लभाचार्य प्राकट्य महोत्सव पर श्री शुद्धाद्वैत जप यज्ञ समिति की ओर से चौखंभा श्रीवल्लभगीता श्रीकृष्ण भवन में मंगलवार को सुबह वैष्णवजनों ने श्रीमदनमोहन प्रभु के मंगला दर्शन किए। सामूहिक समवेत स्वर में श्रीमद्भगवत गीता के संपूर्ण 18 अध्याय के 700 श्लोकों का पाठ किया।
श्री वल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मुग्ध कर दिया। सिद्धि भट्ट के निर्देशन में भाविनी गौतम और रितिका भट्ट ने श्रीकृष्ण वंदना, गोविंद दामोदर स्तुति से मनमोह लिया।
गोस्वामी कल्याणराय ने कहा कि शुद्धाद्वैत साकार ब्रह्मवाद निर्गुण पुष्टि भक्ति का उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा करना है। समिति की संस्थापिका कृष्णप्रिया ने कहा कि बेटीजी और शरदवल्लभा बेटीजी ने जन-जन में वल्लभ के पुष्टिमार्ग के सिद्धांतों का प्रचार किया। वैष्णवजन पुष्टिमार्ग के मूल सिद्धांतों भगवत नाम जप, स्मरण, सेवा, भोग, सत्संग एवं भागवत, गीता, रामायण के स्वाध्याय से जीवन को सार्थक करें।
गोस्वामी सुरेश बाबा, वल्लभ बाबा, घनश्याम बाबा ने भी आशीर्वचन दिया। बीडी गुजराती ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विशिष्ट सेवा के लिए मंजू गोपाल नारायण, नरोत्तमदास, काशी राजपरिवार की कृष्णप्रिया, विष्णुप्रिया, वल्लभप्रिया, मदनमोहन शास्त्री, पं. विकास दीक्षित, संजय नागर आदि का भी सम्मान हुआ। स्वागत अशोक वल्लभदास ने किया। इस मौके पर अनूप अग्रवाल, रमेश जोशी, श्यामदास नागर, घनश्याम नागर, राधा नागर, अनिल शर्मा आदि रहे।