प्रसाद बता काला जामुन में नशीली दवा मिलाकर खिलाया, सात लोग बेहोश
जैतपुरा थाने की पुलिस ने मजार के कथित मुजावर और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। जमालुद्दीनपुरा बड़ी बाजार, दोषीपुरा में रहने वाले एक परिवार के सात लोगों को तवर्रुक (प्रसाद) बताकर एक मजार के कथित मुजावर ने काला जामुन दिया। काला जामुन खाकर सभी लोग बेहोश हो गए। आनन-फानन उन्हें कबीरचौरा अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित परिवार के गौतम राजभर की तहरीर के आधार पर खुद को मुजावर बताने वाले लल्लापुरा कला निवासी नौशाद अली उर्फ मस्तान और उसके दोस्त सलारपुरा के मुमताज को जैतपुरा थाने की पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
गौतम राजभर ने जैतपुरा थाने की पुलिस को जो तहरीर दी है, उसके मुताबिक बृहस्पतिवार की रात 10:30 बजे उसकी दुकान पर नौशाद अली उर्फ मस्तान चाय पीने आया। नौशाद ने मिठाई के छोटे डिब्बे में काला जामुन दिया और कहा कि नौचंदी जुमेरात पर फातिहा पढ़ कर तवर्रुक (प्रसाद) लाया हूं। इसे परिवार के सभी सदस्यों को खिला देना। गौतम ने बताया कि घर जाने पर उसके परिजनों ने काला जामुन खाया। काला जामुन खाने के बाद उसकी मां गायत्री देवी (60), पत्नी रेखा राजभर (25) व बेटी राधिका (5), भाभी ममता देवी (36), भतीजे शिवा (10) व अमन (12) और पायल बेहोश हो गई। आनन-फानन सभी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, फिर मामले की जानकारी पुलिस को दी।
चक्कर आया, फिर आंखों के सामने छाया अंधेरा
हॉस्पिटल में भर्ती गौतम के परिवार के लोगों ने बताया कि काला जामुन खाते ही उन्हें चक्कर आया और फिर आंखों के सामने अंधेरा छा गया। जब होश आया तो खुद को हॉस्पिटल में पाया।
दोस्त की भाभी के दुर्व्यवहार का बदला लेने के लिए रची साजिश
पुलिस की पूछताछ में नौशाद अली उर्फ मस्तान ने बताया कि वह और गौतम राजभर 15-16 साल से दोस्त हैं। वह जब भी गौतम के घर जाता है तो उसकी भाभी को अच्छा नहीं लगता था और वह आने से मना करती थी। बात न मानने पर वह गाली देने के साथ ही मारने के लिए भी दौड़ा लेती थी। यह बात उसने सलारपुरा के मुमताज को बताई तो उसने कहा कि गौतम की भाभी उसके साथ भी अक्सर बदसलूकी करती है। इस पर दोनों ने योजना बनाई कि तवर्रुख (प्रसाद) के नाम कोई ऐसा दवा खिला दी जाए कि पूरा परिवार ही खत्म हो जाए।
50 रुपये के काला जामुन में मिलाए थे 10 टेबलेट
योजना के अनुसार नौशाद और मुमताज कबीरचौरा अस्पताल के सामने स्थित एक मेडिकल स्टोर पर गए। मेडिकल स्टोर से दोनों ने नशे के लिए उपयोग की जाने वाली 45 टेबलेट खरीदी। बृहस्पतिवार को शाम के समय दोनों ने 50 रुपये का काला जामुन खरीदा और उसे गाजी मियां की मजार पर चढ़ाया। इसके बाद काला जामुन में नशे के लिए उपयोग की जाने वाली 10 टेबलेट डाल दी। फिर, काला जामुन ले जाकर गौतम राजभर को तवर्रुख (प्रसाद) बताकर थमा दिया।
कोट-
दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।- मथुरा राय, इंस्पेक्टर जैतपुरा