वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के योग साधना केंद्र में मंगलवार को भगवान महावीर की जयंती के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने समतामूलक समाज में भगवान महावीर के उपदेशों का महत्वपूर्ण योगदान बताया।
मुख्य वक्ता और बौद्ध जैन दर्शन विभाग बीएचयू के प्रो. अशोक कुमार जैन ने कहा कि समतामूलक समाज की स्थापना में तीर्थकर महावीर के उपदेशों का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्य अतिथि राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित और जैन दर्शन के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. फूलचंद जैन ने कहा कि अनेकांतवाद और स्याद वाद के सिद्धांतों के माध्यम से परस्पर संघर्ष को दूर करना आसान है। सम्मानित अतिथि और महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने कहा कि भगवान महावीर के अपरिग्रह सिद्धांत के माध्यम से संपूर्ण जीवों के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
समारोह की अध्यक्षता संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने की। इस दौरान प्रो. फूलचंद्र जैन को राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने और प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल को कुलपति पद पर मनोनयन होने पर सम्मानित किया गया। संचालन प्रो. हरप्रसाद दीक्षित ने किया जबकि स्वागत प्रो. रमेश कुमार द्विवेदी ने और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. रमेश प्रसाद ने किया।