वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में मंगलवार को आयोजित नैक जागरूकता कार्यक्रम में मूल्यांकन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। बतौर मुख्य अतिथि डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नैक मूल्यांकन जरूरी है। विश्वविद्यालय और कॉलेजों की गुणवत्ता का निर्धारण भी नैक मूल्यांकन द्वारा संभव है।
प्रबंधभवन स्थित प्रो. राकेश चंद्र शर्मा सभागार में प्रो. दीक्षित ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में शिक्षकों के खाली पदों को गुणवत्ता में बड़ी बाधा बताया। विशिष्ट अतिथि नैक में उपसलाहकार डॉ. प्रतिभा सिंह ने कहा कि नैक मूल्यांकन के लिए शिक्षण संस्थानों को आगे आना चाहिए। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश वर्मा ने नैक मूल्यांकन से जुड़े बिंदुओं पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने मूल्यांकन के लिए बने प्रोफार्मा में बदलाव लाने का सुझाव दिया। कार्यशाला में कॉलेजों से आए प्रतिनिधियों ने भी मूल्यांकन प्रोफार्मा से जुड़ी समस्याओं को बताया। अतिथियों का स्वागत आईक्यूएसी के समन्वयक प्रो.केएस जायसवाल, संचालन डॉ. संदीप गिरि और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नलिनी श्याम कामिल ने किया। इस दौरान कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य, नैक के सहायक सलाहकार डॉ. मोहित तिवारी, प्रो. चतुर्भुज नाथ तिवारी, प्रो. आलोक राय आदि लोग मौजूद रहे।